Gold Smuggling: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने भारतीय मूल के एक अमेरिकी नागरिक से तस्करी कर लाए गए सोने के 115 बिस्कुट जब्त किए हैं, जिसका कुल वजन साढ़े तीन किलोग्राम है। उसने अपनी पैंट के अंदर 5.5 करोड़ रुपये कीमत के 115 सोने के बिस्किट छिपा रखे थे। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर सोने को विशेष रूप से डिजाइन की गई बेल्ट में छिपा रखा था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी तस्करी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि यह जब्ती पिछले सप्ताह सोने की तस्करी के प्रयासों में आई वृद्धि से सीधे तौर पर जुड़ी है। उनका कहना है कि सोने पर सीमा शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने से अवैध कारोबार के तौर-तरीकों में बदलाव आया है। बयान के अनुसार, प्रति किलोग्राम मुनाफा काफी बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय गिरोहों ने तस्करी के बेहद जटिल तरीके अपनाए हैं।
बयान में कहा गया कि इस संबंध में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारियों ने यात्री को IGI एयरपोर्ट के इंटरनेशनल अराइवल्स टर्मिनल पर रोका। आरोपी 15 मई को सैन फ्रांसिस्को से यहां पहुंचा था। वह कथित तौर पर चुपके से ‘ग्रीन चैनल’ पार करने का प्रयास कर रहा था।
तलाशी के दौरान यात्री की पैंट की अंदरूनी जेबों और विशेष रूप से तैयार बेल्ट में छिपाकर रखी गई सोने के 115 बिस्कुट बरामद की गईं। जब्त किया गया सोना 24 कैरेट था। उसका कुल वजन 3,565 ग्राम था। यात्री को सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 104 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसका किसी बड़े इंटरनेशनल तस्करी गिरोह से कोई संबंध है। उसके मोबाइल फोन, ट्रैवल हिस्ट्री, वित्तीय लेन-देन और विदेशी संपर्कों की बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही हैं कि दिल्ली में इस सोने का असली प्राप्तकर्ता कौन है और इस ऑपरेशन में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों को शक है कि आरोपी सिर्फ एक "कैरियर" (सोना ढोने वाला) के तौर पर काम कर रहा था। इस परदे के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा हो सकता है।
कस्टम अधिकारियों ने बताया कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के बाद हाल के दिनों में सोने की तस्करी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर निगरानी और सुरक्षा के उपायों को और भी कड़ा कर दिया गया है। अब यात्रियों की जांच के लिए रिस्क प्रोफाइलिंग, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और उच्च-स्तरीय स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।