सरकार ने ED के पूर्व चीफ संजय कुमार मिश्रा को EAC-PM का फुल टाइम मेंबर बनाया, जानिए कौन हैं एसके मिश्रा

संजय कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वह कई हाई-प्रोफाइल आर्थिक मामलों की जांच कर चुके हैं। सरकार ने Sanjay Kumar Mishra को 19 नवंबर, 2018 को दो साल के लिए ED का चीफ नियुक्त किया था। इससे पहले वह दिल्ली में चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर थे। ईडी चीफ नियुक्त होने के बाद सरकार ने कई बार उन्हें एक्सटेंशन दिया था

अपडेटेड Mar 26, 2025 पर 11:33 AM
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ईएसी-पीएम एक स्वतंत्र बॉडी है, जिसका काम इकोनॉमी और इससे जुड़े मसलों पर सरकार खासकर प्रधानमंत्री को सलाह देना है।

सरकार ने ईडी के पूर्व चीफ संजय कुमार मिश्रा को प्रधानमंत्री के इकोनॉमिक एडवायजरी काउंसिल (ईएसी-पीएम) का फुल-टाइम मेंबर नियुक्त कर दिया है। इसका आदेश सरकार ने 25 मार्च को देर रात जारी किया। सरकार में मिश्रा का रैंक सेक्रेटरी का होगा। ईएसी-पीएम एक स्वतंत्र बॉडी है, जिसका काम इकोनॉमी और इससे जुड़े मसलों पर सरकार खासकर प्रधानमंत्री को सलाह देना है। सुमन बेरी ईएसी-पीएम के चेयरमैन हैं।

सरकार ने नवंबर 2018 में ईडी का चीफ नियुक्त किया था

सरकार ने Sanjay Kumar Mishra को 19 नवंबर, 2018 को दो साल के लिए ED का चीफ नियुक्त किया था। इससे पहले वह दिल्ली में चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर थे। ईडी चीफ नियुक्त होने के बाद सरकार ने कई बार उन्हें एक्सटेंशन दिया था। वह इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम) के रिटायर्ड अफसर हैं। वह 1984 बैच के आईआरएस अफसर थे। उन्हें आर्थिक मामलों की व्यापक अनुभव है।


सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2024 तक बढ़ाया था कार्यकाल

उत्तर प्रदेश के रहने वाले मिश्रा कई हाई-प्रोफाइल आर्थिक मामलों की जांच कर चुके हैं। जुलाई 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'राष्ट्रीय हित' में ईडी चीफ के रूप में मिश्रा का कार्यकाल 15 सितंबर, 2024 तक रहेगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि इसके बाद एक्सटेंशन से जुड़े किसी अप्लिकेशन पर विचार नहीं किया जाएगा।

मिश्रा के कार्यकाल में ED ने कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच की

ईडी चीफ के रूप में मिश्रा के कार्यकाल में इस जांच एजेंसी ने कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच शुरू की थी। इनमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मामले शामिल थे। इसके अलावा मिश्रा के कार्यकाल में ही ईडी ने कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार , झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, जेएंडके पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला के खिलाफ जांच शामिल थी।

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माल्या, नीरव मोदी जैसे भगोड़ों के एक्स्ट्राडिशन को मिला था एप्रूवल

मिश्रा जब ईडी के प्रमुख थे तब विजय माल्या, नीरव मोदी और आर्म्स डीलर संजय भंडारी जैसे भगोड़ों के एक्स्ट्राडिशन (प्रत्यावर्तन) के लिए ईडी को मंजूरी मिली थी। मिश्रा के कार्यकाल में ही ईडी ने यस बैंक के एमडी और पूर्व सीईओ राना कपूर और ICICI Bank की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था।

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