भारत सरकार ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (भारत) के तौर पर डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन के पद को तत्काल समाप्त करने को मंजूरी दे दी है। IMF में सुब्रमण्यन का 3 साल का कार्यकाल पूरा होने में 6 महीने बाकी हैं। लेकिन इससे पहले ही उन्हें भारत सरकार ने वापस बुला लिया है। 30 अप्रैल को इस बारे में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) की ओर से एक आदेश जारी हुआ है।
आदेश में कहा गया है, "मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (भारत) के तौर पर डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की सेवाओं के तत्काल प्रभाव से टर्मिनेशन को मंजूरी दे दी है।" इस आदेश में सुब्रमण्यन को हटाने का कोई कारण नहीं बताया गया है। ACC का नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं।
यह फैसला पाकिस्तान को दी गई वित्तीय सुविधाओं के संबंध में IMF बोर्ड की एक महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग से ठीक पहले आया है। IMF कार्यकारी बोर्ड, एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) और रिजीलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी के तहत अरेंजमेंट की रिक्वेस्ट के लिए पहले रिव्यू को लेकर 9 मई को पाकिस्तान के अधिकारियों से मिलने वाला है।
भारत का कहना है कि वह पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद IMF सहित वैश्विक बहुपक्षीय एजेंसियों से पाकिस्तान को दिए गए पैसे और कर्ज पर फिर से विचार करने के लिए कहेगा। ऐसे में IMF से सुब्रमण्यन को वापस बुलाने के भारत सरकार के कदम की टाइमिंग और संभावित प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पहलगाम हमले में मारे गए थे 26 लोग
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए नृशंस आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारतीय अधिकारियों ने पहलगाम में हुए नरसंहार के पीछे 5 आतंकवादियों की पहचान की है, जिनमें से 3 पाकिस्तानी नागरिक हैं। हालांकि पाकिस्तान ने आरोपों को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।
2022 में IMF पहुंचे थे सुब्रमण्यन
सुब्रमण्यन भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। उन्होंने 2022 में IMF में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (भारत) की भूमिका संभाली थी। नवंबर 2022 से अब तक सुब्रमण्यन ने IMF के एग्जीक्यूटिव बोर्ड में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान का प्रतिनिधित्व किया। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सरकार सुब्रमण्यन के रिप्लेसमेंट को नॉमिनेट करने की प्रक्रिया में है।