पाकिस्तान से जंग जैसे हालात के बीच फर्जी खबरों की बाढ़ आ गई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। इस मुश्किल घड़ी में फर्जी खबरों से आपको काफी नुकसान हो सकता है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने सोशल मीडिया पर चल रही कई फर्जी खबरों और जानकारियों की सच्चाई की जांच की है। उसने पाया है कि सिर्फ सनसनी फैलाने और स्थिति का फायदा उठाने के लिए फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं।
पीआईबी ने जांच कर कई फर्जी खबरों का पर्दाफाश किया है
पीआईबी ने एक वायरल इमेज की सच्चाई की जांच की है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने लोगों को अपने फोन पर लोकेशन सर्विसेज तुरंत ऑफ करने की सलाह दी है। जांच में यह जानकारी फर्जी पाई गई। पीआई ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ पुराने वीडियो का इस्तेमाल फर्जी खबरें फैलाने के लिए किया जा रहा है। उसने कहा है कि एक पुराने वीडियो में दावा किया गया है कि भारतीय सैनिक पाकिस्तान के साथ लड़ाई बढ़ने पर रो रहे हैं और मोर्चा छोड़कर भाग रहे हैं। पीआईबी ने जांच के बाद साफ किया है कि यह वीडियो फर्जी है। इसका भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है।
झूठे और फर्जी खबरों से हो सकता है बड़ा नुकसान
अलजजीरा का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के आसपास करीब 10 धमाके हुए हैं। पीआईबी ने जांच के बाद बताया है कि यह फर्जी खबर है। उसने कहा है कि लोगों को ऐसे झूठे दावों और जानकारियों से सावधान रहने की जरूरत है। इनका मकसद सिर्फ लोगों में भ्रम और झूठ फैलाना है। इससे पहले सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि जयपुर एयरपोर्ट पर धमाके की आवाज सुनी गई है। पीआईबी में जांच में इसे भी फर्जी पाया।
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खबर पर भरोसा करने से पहले बरतें ये सावधानियां
पाकिस्तान के साथ तनाव बढ़ने के साथ सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें बढ़ गई हैं। आपको सबसे पहले किसी खबर के स्रोत को चेक करने की जरूरत है। अगर खबर किसी सरकारी स्रोत के हवाले से आई है तो आप उस पर भरोसा कर सकते हैं। दूसरा, यह कि सरकार जब कोई नई जानकारी देती है तो उसके बारे में विस्तार से बताती है। वह सिर्फ एक लाइन या दो लाइन की नहीं होती है। तीसरा, अगर सरकार या किसी भरोसेमंद स्रोत से कोई खबर आई है तो वह बड़े मीडिया में कई जगह दिखेगी। उसके कंटेंट में अंतर नहीं होगा। इसके उलट फर्जी खबरें सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट में दिखती हैं।