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Contaminated water crisis: इंदौर के बाद अब ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार, सप्लाई लाइन में सीवेज मिलने की शिकायतें

Contaminated water crisis: अधिकारियों और निवासियों ने बताया कि राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के डेल्टा 1 सेक्टर में कई लोग कथित तौर पर दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई है। सप्लाई लाइन में सीवेज मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 4:04 PM
Contaminated water crisis: इंदौर के बाद अब ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार, सप्लाई लाइन में सीवेज मिलने की शिकायतें
Contaminated water crisis: ग्रेटर नोएडा में छह से सात परिवार उल्टी, बुखार और दस्त जैसे लक्षणों के बाद बीमार पड़ गए

Greater Noida Contaminated water crisis: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में डेल्टा 1 सेक्टर के कई निवासी कथित तौर पर दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। सप्लाई लाइन में सीवेज का पानी मिलने की शिकायतें सामने आई हैंप्रभावित निवासियों ने मंगलवार और बुधवार को इस सेक्टर के कुछ हिस्सों में नल का पानी पीने के बाद उल्टी, बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसे लक्षणों की सूचना दीहालांकि, ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) के अधिकारियों ने पीने के पानी की सप्लाई में सीवेज मिलने से इनकार किया है।

अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक किए गए टेस्ट में पानी स्वच्छ पाया गया हैस्थानीय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पूर्व अध्यक्ष एवं निवासी ऋषिपाल भाटी ने गुरुवार (8 जनवरी) को पीटीआई को बताया, "सीवर के पानी का अतिप्रवाह और पाइपलाइनों में लीकेज, विशेष रूप से सी ब्लॉक में, इस समस्या का कारण बना।"

उन्होंने कहा, "दूषित पानी पीने के बाद लगभग छह से सात परिवार उल्टी, बुखार और दस्त जैसे लक्षणों के बाद बीमार पड़ गए।" उन्होंने कहा कि इससे पहले अन्य ब्लॉक से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं। मध्य प्रदेश के इंदौर से हाल में सामने आए मामलों के बाद जल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा गुजरात के गांधीनगर से भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जहां प्रदूषित पानी की आपूर्ति के कारण कई लोग कथित तौर पर बीमार पड़ गए थे। इन घटनाओं के सामने आने के बाद से विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों की निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दिया है।

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