देश में पेट्रोल से भी सस्ती बिकने लगेगी ग्रीन हाइड्रोजन! हरदीप सिंह पुरी ने बताया भविष्य का ईंधन

भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पब्लिक सेक्टर की अत्यधिक सफल दिग्गज कंपनियां बताते हुए, पुरी ने कहा कि इन कंपनियों ने पिछले साल ₹1.29 लाख करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। उन्होंने कहा कि यदि बकाया 40,000 करोड़ रुपये वसूल किए जाते हैं, तो इस वर्ष का मुनाफा पिछले रिकॉर्ड से मेल खा सकता है

अपडेटेड May 30, 2025 पर 9:54 PM
Story continues below Advertisement
पुरी ने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से क्लीन एनर्जी इनोवेशन में तेजी लाने में सहयोग करने की अपील की। (Image: CII X Account)

ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, और अगर हम अभी से लेकर 2030 के बीच इसका फायदा उठा सकें तो अच्छा है, उसके बाद बहुत ज्यादा उछाल आएगा। यह बात पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने CII एनुअल बिजनेस समिट 2025 में कही। वह 'सिक्योरिंग इंडियाज एनर्जी फ्यूचर: ट्रांजीशन एंड ग्लोबल अलाइनमेंट' पर सेशन में बोल रहे थे। पुरी ने कहा कि अगर ग्रीन हाइड्रोजन आगे बढ़ता है और हम इसे अच्छे बायोफ्यूल ब्लेंडिंग प्रोग्राम और फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स, सीएनजी आदि के साथ कंबाइन करते हैं, तो यह ऊर्जा क्षेत्र में एक बिल्कुल नया इकोलॉजिकल बूस्ट होगा।

पुरी ने एनर्जी ट्रांजीशन को लेकर भारत की प्रतिबद्धता; तेल, प्राकृतिक गैस और रिन्यूएबल एनर्जी में विकास, एनर्जी स्टार्टअप्स के उदय, महत्वपूर्ण खोजों और अत्याधुनिक तकनीकी प्रगति जैसी कई चीजों पर बात की। उन्होंने कहा कि एनर्जी इस बात का निर्णायक इंडीकेटर है कि अर्थव्यवस्था कितनी अच्छी चल रही है। अगर आपकी ऊर्जा खपत बढ़ रही है, तो यह प्रगति को दर्शाता है। अगर यह कम हो रही है, तो इसका मतलब है कि कुछ खामियां हैं। यह आर्थिक प्रगति के लिए एक आवश्यक शर्त है।

2026 एथेनॉल मिक्स लक्ष्य को वक्त से पहले ही पार कर लिया


उन्होंने देश की महत्वाकांक्षी ग्रीन हाइड्रोजन रणनीति पर भी बात की। भारत ने 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की लागत को घटाकर 1 डॉलर प्रति किलोग्राम करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से क्लीन एनर्जी इनोवेशन में तेजी लाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने जैव ईंधन यानि बायोफ्यूल अपनाने में भारत की तेज प्रगति पर भी रोशनी डाली। देश ने अपने 2026 एथेनॉल मिक्स लक्ष्य को वक्त से पहले ही पार कर लिया है। पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स 2013-14 में 1.53% था। अप्रैल 2025 तक यह 20% हो गया।

प्रयागराज में तेजस एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम, ट्रैक पर रखे थे बड़े-बड़े पत्थर

मंत्रालय का नाम बदलने का दिया सुझाव

प्राकृतिक गैस अभी भी भारत के एनर्जी मिक्स का केवल 6% हिस्सा है, जबकि लक्ष्य 15% का है। इस पर पुरी ने कहा, "हम प्रयास तेज कर रहे हैं, लेकिन बदलाव तेजी से होना चाहिए।" पुरी ने बायोफ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का नाम बदलकर क्लीन एनर्जी या एनर्जी ट्रांजीशन मंत्रालय करने का सुझाव दिया।

2024-25 में 242.4 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात

समिट के बाद एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में पुरी ने कहा, 'भारत के एनर्जी सेक्टर के साइज और मैग्नीट्यूड का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2024-25 में भारत ने 242.4 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया। साथ ही आयात पर 137 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि जिन देशों से हम आयात करते हैं उनकी संख्या 27 से बढ़कर 40 हो गई। भारत कठिन समय में ऊर्जा उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता को पार करने में भी सक्षम रहा है। ऐसा करते हुए, जबकि दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही थीं, भारत एकमात्र ऐसा देश था, जहां कीमतें वास्तव में कम हुईं।'

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।