गुजरात के वडोदरा जिले के मलसर गांव में एक एक साल के छोटे बच्चे को डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक तेज बुखार और लगातार खांसी की शिकायत थी। परिवार वाले उसे कई प्राइवेट अस्पतालों में ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने इसे सामान्य निमोनिया समझकर इलाज किया। बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार परिवार बच्चे को गोत्री के GMERS सरकारी अस्पताल ले गया। वहां ENT विभाग के डॉक्टरों ने बच्चे की गहराई से जांच की। एक्स-रे करने पर पता चला कि बच्चे की सांस की नली (windpipe) में कोई अजनबी चीज फंसी हुई है।
