केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब दिया। राहुल गांधी ने संसद में पुरी के कथित तौर पर जेफ्री एपस्टीन से संबंधों का मुद्दा उठाया था। पुरी ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया और कहा कि राहुल गांधी बिना जवाब सुने ही सदन से बाहर चले गए। उन्होंने कहा, “आज एक युवा नेता ने संसद में कुछ बातें रखीं। उन्हें बिना आधार के आरोप लगाने की आदत है।”
बिना नाम लिए पुरी ने दो तरह के नेताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक वे नेता होते हैं, जो जिम्मेदारी लेते हैं, देश की सेवा करते हैं और देश को आगे बढ़ाते हैं। और दूसरे वे, जो कभी-कभी देश आते हैं और संसद में जवाब मिलने से पहले ही बाहर चले जाते हैं।”
पुरी ने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषण के बाद सदन छोड़कर चले गए और जवाब नहीं सुना।
राहुल गांधी के इस सवाल पर कि उन्हें जेफ्री एपस्टीन से किसने मिलवाया, पुरी ने कहा कि उनके पेशेवर कामकाज की जानकारी सार्वजनिक है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के बाद वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) से जुड़े थे, जहां वे सेक्रेटरी जनरल रहे। उस समय एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री उस संस्था के प्रमुख थे।
पुरी ने कहा कि उस दौरान उनकी कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से पेशेवर मुलाकातें हुईं, जिनमें LinkedIn के फाउंडर रीड हॉफमैन भी शामिल हैं। उन्होंने साफ किया कि 13 नवंबर 2014 को उन्होंने हॉफमैन को एक ईमेल लिखा था, जिसमें एपस्टीन को कॉपी (CC) किया गया था। उस समय वे एक निजी नागरिक थे।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर संसद में तीखी बहस जारी है। सरकार ने आरोपों को निराधार बताया है।