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Chicken Neck : हिमंत बिस्वा सरमा की चेतावनी, बांग्लादेश में भी हैं दो चिकन नेक जिनको दबाने से घुट जाएगा उसका दम

Chicken Neck Corridor : इनमें से पहला है 80 किलोमीटर लंबा उत्तरी बांग्लादेश कॉरिडोर जो दखिन दिनाजपुर से दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स तक जाता है। असम के सीएम ने कहा कि यहां कोई भी हमला पूरे रंगपुर डिवीजन को बांग्लादेश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह से अलग-थलग कर सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2025 पर 11:35 AM
Chicken Neck : हिमंत बिस्वा सरमा की चेतावनी, बांग्लादेश में भी हैं दो चिकन नेक जिनको दबाने से घुट जाएगा उसका दम
हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि जो लोग अक्सर 'चिकन नेक कॉरिडोर' को लेकर भारत को धमकाते रहते हैं, उन्हें इन तथ्यों पर भी ध्यान देना चाहिए। बांग्लादेश के पास अपने दो 'चिकन नेक' हैं

Siliguri Corridor : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जो लोग "चिकन नेक कॉरिडोर" को लेकर भारत को अक्सर धमकी देते हैं,उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बांग्लादेश में भी की दो ऐसी संकरी पट्टियां हैं जो "बहुत अधिक असुरक्षित और संवेदनशील" हैं। भारत का चिकन नेक,जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है,जमीन की एक संकरी पट्टी है, जिसकी चौड़ाई लगभग 22-35 किमी है। यह पट्टी पूर्वोत्तर इलाके को शेष भारत से जोड़ती है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि जो लोग अक्सर 'चिकन नेक कॉरिडोर' को लेकर भारत को धमकाते रहते हैं, उन्हें इन तथ्यों पर भी ध्यान देना चाहिए। बांग्लादेश के पास अपने दो 'चिकन नेक' हैं। दोनों ही हमसे कहीं ज़्यादा कमज़ोर हैं। पहला 80 किलोमीटर लंबा उत्तरी बांग्लादेश कॉरिडोर है। ये दखिन दिनाजपुर से दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स तक जाता। यहां कोई भी हमाला पूरे रंगपुर डिवीजन को बांग्लादेश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह से अलग-थलग कर सकता है।"

उन्होंने दक्षिण त्रिपुरा से बंगाल की खाड़ी तक 28 किलोमीटर लंबे चटगांव कॉरिडोर का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा,"यह कॉरिडोर भारत के चिकन नेक से भी छोटा है, जो बांग्लादेश की आर्थिक राजधानी और राजनीतिक राजधानी के बीच संपर्क का एकमात्र जरिया है।"

उन्होने आगे कहा कि पड़ोसी देश के इनमें से एक "चिकन नेक" में व्यवधान उत्पन्न होने से उसकी आर्थिक और राजनीतिक राजधानियों के बीच संपर्क टूट जाएगा। वहीं, दूसरे में व्यवधान उत्पन्न होने से पूरा रंगपुर संभाग देश के बाकी हिस्सों से अलग हो जाएगा।

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