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गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले में दी खुली छूट, जानिए

India-Pak Tension: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार रात देश के सीमा सुरक्षा बलों के प्रमुखों से बात की. उसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करने को कहा

Abhishek Guptaअपडेटेड May 09, 2025 पर 10:29 PM
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले में दी खुली छूट, जानिए
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी खुली छूट

India-Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय(MHA) ने एक बड़ा फैसला लिए है। MHA ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सिविल डिफेंस नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करने को कहा है। राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को लिखे अपने पत्र में गृह मंत्रालय ने उनसे नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 की धारा 11 को सक्रिय करने को कहा है। यह एहतियाती उपायों के त्वरित और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सिविल डिफेंस के निदेशकों को आपातकालीन खरीद शक्तियां प्रदान करता है।

पत्र में कहा गया है, 'वर्तमान क्रॉस-बॉर्डर टेंशन के परिदृश्य में, मैं आपका ध्यान नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 की धारा 11 की ओर आकर्षित करना चाहूंगा, जो अन्य बातों के साथ-साथ राज्य सरकारों को ऐसे उपाय करने का अधिकार देता है, जो राज्य सरकार की राय में शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में व्यक्तियों और संपत्तियों को क्षति से बचाने या महत्वपूर्ण सेवाओं के समुचित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।'

क्या होती है आपातकालीन शक्तियां?

सिविल डिफेंस नियम, 1968 की धारा 11 अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों पर तुरंत प्रतिक्रिया करने और आवश्यक प्रणालियों और सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। इसके तहत लोगों और संपत्ति को किसी भी क्षति से बचाने के लिए कोई भी तत्काल उपाय किए जा सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि संकट की स्थिति में स्वास्थ्य सेवा, बिजली और पानी जैसी सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें। लालफीताशाही को दरकिनार करें और जटिल अप्रूवल के बिना सीधे नागरिक सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण या सेवाएं खरीदें जाए।

किसे दी जाएंगी ये शक्तियां?

प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में नागरिक सुरक्षा निदेशक को संकट की स्थिति में कार्रवाई करने के लिए आपातकालीन शक्तियां दी जाएंगी। स्थानीय अधिकारियों को अन्य नियमित कार्यों से पहले भी इन आपातकालीन उपायों के लिए अपने फंड का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन आपातकालीन उपायों को अन्य सभी नागरिक व्यय और जिम्मेदारियों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

शक्तियों की घोषणा के बाद आगे क्या?

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