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होर्मुज संकट से भारत में यूरिया संकट की आहट! आधा हो गया उत्पादन; खरीफ सीजन में हो सकती है किल्लत!

India Urea Production: भारत यूरिया के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। अगर यह संकट लंबा खिंचता है, तो खरीफ की बुवाई पर इसका बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल राहत की बात यह है कि देश में 19 मार्च तक 61.14 लाख टन यूरिया का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले साल के 55.22 लाख टन से ज्यादा है

Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 22, 2026 पर 3:27 PM
होर्मुज संकट से भारत में यूरिया संकट की आहट! आधा हो गया उत्पादन; खरीफ सीजन में हो सकती है किल्लत!
होर्मुज संकट जारी रहा तो आने वाले दिनों में यूरिया की सप्लाई में कमी देखने को मिल सकती है

Urea Shortage: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध से 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में उपजे तनाव ने भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। LNG की सप्लाई रुकने के कारण भारत के यूरिया प्लांट अब अपनी क्षमता से आधे पर काम कर रहे हैं। यानी आने वाले दिनों में यूरिया की सप्लाई में कमी देखने को मिल सकती है। यह संकट ऐसे समय आया है जब देश के किसान खरीफ की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं।

पेट्रोनेट ने घोषित किया 'फोर्स मेज्योर'

भारत की सबसे बड़ी गैस टर्मिनल ऑपरेटर, पेट्रोनेट एलएनजी ने 'फोर्स मेज्योर' घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि युद्ध जैसे अप्रत्याशित कारणों से कंपनी फिलहाल गैस की डिलीवरी करने में असमर्थ है। गेल, आईओसी और बीपीसीएल जैसी सरकारी कंपनियों ने यूरिया यूनिट्स को होने वाली गैस सप्लाई में 60-65% की कटौती कर दी है। कुछ प्लांट में गैस की उपलब्धता 50% से भी कम रह गई है, जिसके कारण यूरिया का उत्पादन भी 50% तक गिर गया है।

लागत में भारी इजाफा

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