Get App

ट्रंप-पुतिन के बीच बातचीत के क्या है मायने? अमेरिकी ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने बताया भारत पर होगा इसका कैसा असर

Trump-Putin Meeting: अमेरिका ने पहले ही भारतीय निर्यात पर 25% का बेस टैरिफ लगाया हुआ है। इसके साथ ही रूसी तेल खरीदने के लिए 25% का एक्स्ट्रा जुर्माना भी लगाया गया है, जिससे कुल टैरिफ बढ़कर 50% हो गया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत और चीन जैसे देश यूक्रेन में रूस को वित्त पोषित' कर रहे हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 14, 2025 पर 10:26 AM
ट्रंप-पुतिन के बीच बातचीत के क्या है मायने? अमेरिकी ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने बताया भारत पर होगा इसका कैसा असर
स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि रूस से तेल खरीदने पर भारत और चीन पर लगने वाले सेकेंडरी टैरिफ बढ़ सकते हैं

Trump-Putin Talks: 15 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में एक बैठक होने वाली है। इस बैठक में रूस-यूक्रेन वॉर पर बड़ा फैसला होने की उम्मीद है। इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि रूस से तेल खरीदने पर भारत और चीन पर लगने वाले सेकेंडरी टैरिफ बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला अलास्का में होने वाली राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच 15 अगस्त की निर्धारित बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा।

भारत पर कितना है मौजूदा टैरिफ?

अमेरिका ने पहले ही भारतीय निर्यात पर 25% का बेस टैरिफ लगाया हुआ है। इसके साथ ही रूसी तेल खरीदने के लिए 25% का एक्स्ट्रा जुर्माना भी लगाया गया है, जिससे कुल टैरिफ बढ़कर 50% हो गया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत और चीन जैसे देश यूक्रेन में रूस के 'युद्ध मशीन को वित्त पोषित' कर रहे हैं। भारत ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है और इस आरोप को 'अनुचित और तर्कहीन' बताते हुए खारिज कर दिया है।

ट्रेजरी सचिव ने यह भी कहा कि भारत 'थोड़ा अड़ियल' रहा है और दोनों देशों के बीच कई बड़े व्यापार समझौते अभी भी फाइनल नहीं हुए है। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप और पुतिन की बातचीत सफल होती है, तो रूस के खिलाफ इन उपायों में 'ढील' दी जा सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें