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Operation Urja: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत का बड़ा कदम, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया “ऑपरेशन ऊर्जा”

Operation Urja: मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज होने के साथ ही, भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के बाद भारत आने वाले अपने कार्गों जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन ऊर्जा' शुरू किया। गौरतलब है कि संघर्ष की शुरुआत से ही ईरानी सेना अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों पर हमले कर रही है।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Mar 26, 2026 पर 1:07 PM
Operation Urja: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत का बड़ा कदम, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया “ऑपरेशन ऊर्जा”
भारत ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया “ऑपरेशन ऊर्जा”

Operation Urja: मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज होने के साथ ही, भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के बाद भारत आने वाले अपने कार्गों जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन ऊर्जा' शुरू किया। गौरतलब है कि संघर्ष की शुरुआत से ही ईरानी सेना अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों पर हमले कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा लाइफलाइन की सुरक्षा के लिए होर्मुज के पास पांच से अधिक नौसैनिक युद्धपोत तैनात किए हैं।

बता दें कि बुधवार को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए भारत को मित्र देशों की सूची में शामिल किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित "मित्र देशों" के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देगा।

मौजूदा संघर्ष के बीच भारत जा रहे 22 से अधिक जहाज, जिनमें लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG), लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) और कच्चा तेल भरा हुआ है, जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए पानी के नीचे बारूदी सुरंगों का खतरा भी मंडरा रहा है।

खबरों के मुताबिक, भारतीय नौसेना होर्मुज से निकलकर भारत की ओर जाने वाले जहाजों के साथ लगातार संपर्क में है।

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