India Mockdrill: देशभर में 7 मई को सिविल डिफेंस मॉकड्रिल के दौरान क्या-क्या होगा? पाकिस्तान से तनाव के बीच तैयारियां पूरी
डीजी सिविल डिफेंस विवेक श्रीवास्तव ने बताया, "हम नियमित रूप से जिलों में सिविल डिफेंस अभ्यास करते रहे हैं, लेकिन इस बार यह पूरे भारत में होगा। अभ्यास कुछ दिनों तक चल सकता है।" सुरक्षा ड्रिल से जुड़ी यह एडवाइजरी पाकिस्तानी आतंकवादियों के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी करने के बाद आई है, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे
India Mockdrill: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच 7 मई को इन 244 जगहों पर होगा सिविल डिफेंस मॉकड्रिल, यहां देखें पूरी लिस्ट
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की घोषणा के बीच केंद्र ने राज्यों से बुधवार को 244 सिविल डिफेंस जिलों में मॉक ड्रिल करने को कहा है। केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक भी बुलाई है। इस बैठक में ज्यादातर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होने की उम्मीद है।
CNN-News18 के मुताबिक, डीजी सिविल डिफेंस विवेक श्रीवास्तव ने बताया, "हम नियमित रूप से जिलों में सिविल डिफेंस अभ्यास करते रहे हैं, लेकिन इस बार यह पूरे भारत में होगा। अभ्यास कुछ दिनों तक चल सकता है।"
सुरक्षा ड्रिल से जुड़ी यह एडवाइजरी पाकिस्तानी आतंकवादियों के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी करने के बाद आई है, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे।
यह आदेश ऐसे समय आया है, जब कुछ घंटों पहले ही पाकिस्तान की ओर से "Excercise INDUS" के तहत दो दिनों में दूसरा मिसाइल टेस्ट किया गया है।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले पर कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं और रिपोर्टों के अनुसार सशस्त्र बलों को नरसंहार का जवाब देने के लिए मोड, टारगेट और समय चुनने के लिए "पूरी आजादी" दी।
सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल क्या है?
सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एक अभ्यास है, जिसका उद्देश्य यह चेक करना है कि युद्ध, मिसाइल हमलों या हवाई हमलों जैसी आपात स्थितियों के दौरान नागरिक और सरकारी सिस्टम कैसे प्रतिक्रिया करती हैं।
"सिविल डिफेंस" का कॉन्सेप्ट 1962 में शुरू हुआ था, जब चीनी सैनिकों ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश (जिसे पहले NEFA के नाम से जाना जाता था) में भूमि के बड़े हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा?
गृह मंत्रालय के अनुसार, मॉक ड्रिल के प्राथमिक उद्देश्य इस प्रकार हैं:
• हवाई हमले के वार्निंग सिस्टम की प्रभावशीलता का आकलन करना।
• भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन/रेडियो कम्युनिकेशन लिंक ऑपरेट करना।
• कंट्रोल रूम और शेडो कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता की टेस्टिंग करना।
• दुश्मन के हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सिविल डिफेंस पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को ट्रेनिंग देना।
• क्रैश ब्लैकआउट उपायों का प्रावधान।
• महत्वपूर्ण प्लांट/स्थानों के जल्द से जल्द सुरक्षित करना।
• वार्डन सर्विस, फायर ब्रिगेड, बचाव कार्यों और डिपो मैनेजमेंट सहित सिविल डिफेंस सर्विस की एक्टिवेशन और रिस्पांस को सत्यापित करना।
• इवेक्वेशन प्लानिंग की तैयारी और उनकी जांच करना।
इसमें कौन शामिल होगा?
गृह मंत्रालय के आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अभ्यास में जिला नियंत्रकों, स्थानीय अधिकारियों, सिविल डिफेंस वार्डन, वालंटियर्स, होमगार्ड (एक्टिव और रिजर्व दोनों), नेशनल कैडेट कोर (NCC), नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के सदस्यों और कॉलेज और स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी शामिल होने की उम्मीद है।
सिविल डिफेंस अधिकारियों ने News18 को बताया कि अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की लिस्ट बनाई गई है। इनमें डिफेंस, अर्धसैनिक प्रतिष्ठान, अस्पताल और सामरिक महत्व के प्रतिष्ठान शामिल हो सकते हैं।
अधिकारियों ने कहा, "यहां व्याख्या की कोई गुंजाइश नहीं है। लिस्ट सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध होगी और जैसे ही आदेश आएगा, सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि लिस्ट में दिए गए अहम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जाए।"