भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सेना अध्यक्ष को वॉलंटरी फोर्स यानी टेरिटोरियल आर्मी को बुलाना का अधिकार दिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ शुक्रवार को बैठक कर राष्ट्रीय सुरक्षा की समीक्षा की और इस दौरान ये फैसला लिया गया। यह समीक्षा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की पाकिस्तान की कोशिशों को विफल किए जाने के एक दिन बाद की गई। बताया जा रहा है कि सुरक्षा संबंधी बदलते हालात से जुड़े हर पहलू पर बैठक में चर्चा की गई।
टेरिटोरियल आर्मी (TA) एक मिलिट्री रिजर्व फोर्स है, जो पार्ट टाइम वॉलंटियर्स से बनी है, जो भारतीय सेना को सहायता सेवाएं प्रदान करते हैं। इसमें अधिकारी, जूनियर कमीशन अधिकारी, नॉन-कमीशन अधिकारी और दूसरे कार्मिक शामिल हैं, जो भारतीय सेना में समान रैंक रखते हैं, और नागरिक व्यवसाय भी करते हैं।
यह सेना भारतीय नागरिकों को पार्ट-टाइम सैन्य सेवा का मौका देती है, ताकि वे अपनी सामान्य नौकरियों और कारोबार को जारी रखते हुए देश की सेवा कर सकें।
पिछली बार कब TA को बुलाया गया था?
यह पहली बार नहीं है, जब भारतीय सेना को टीए को शामिल करने का अधिकार दिया गया है। वॉलंटियर्स फोर्स ने पहले भी देश की सुरक्षा के लिए काम किया है। उन्होंने ऑपरेशन पराक्रम और कारगिल के दौरान अपनी सेवाएं दीं। गोधरा के दौरान भी उन्हें कुछ जगहों पर तैनात किया गया था। उन्हें कई मौकों पर आपदा राहत के लिए इस्तेमाल किया गया है।
रक्षा मंत्री के साथ इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी शामिल हुए।
भारत ने बृहस्पतिवार रात को जम्मू, पठानकोट, उधमपुर एवं कुछ अन्य स्थानों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन से हमला किए जाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया।
भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के प्रयासों को विफल किए जाने के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत ‘‘अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और अपने लोगों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’’
भारतीय सैन्य अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी ड्रोन एवं मिसाइलों का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया तथा दुश्मन के प्रयासों को विफल कर दिया।
पाकिस्तान ने 24 घंटे से कम समय पहले भी भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की इसी तरह की कोशिश की थी।
रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार दोपहर को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने मिसाइल और ड्रोन का उपयोग करके देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के 15 शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की पाकिस्तान की कोशिशों को विफल कर दिया।
उसने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने बुधवार रात को अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज को निशाना बनाने का प्रयास किया।