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तेल बाजार में बड़ा फेरबदल! रूसी आयात घटा तो सऊदी-UAE ने संभाला मोर्चा, भारत ने होर्मुज की नाकेबंदी का ऐसे निकाला तोड़

India Russian Oil Imports: युद्ध और वैश्विक तनाव को देखते हुए भारत ने अब केवल कुछ देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी तेल सप्लाई के स्रोतों को बढ़ाया है। सऊदी अरब से क्रूड इंपोर्ट में 23% और यूएई से 191% की भारी वृद्धि हुई है। फिलहाल भारत रूस और पश्चिम एशिया के अलावा ब्राजील और नाइजीरिया जैसे देशों से भी तेल खरीद रहा है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 4:21 PM
तेल बाजार में बड़ा फेरबदल! रूसी आयात घटा तो सऊदी-UAE ने संभाला मोर्चा, भारत ने होर्मुज की नाकेबंदी का ऐसे निकाला तोड़
अप्रैल में भारत का रूसी तेल आयात घटकर 1.56 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया, जो मार्च में 1.98 mbd के रिकॉर्ड स्तर पर था

India Russian Oil Import News: मार्च में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद अप्रैल महीने में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल के आयात में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म 'केपलर' (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में छूट देने के बावजूद रूस से होने वाली लोडिंग में रुकावट और घरेलू रिफाइनरियों के मेंटेनेंस के कारण यह गिरावट आई है। हालांकि, इस कमी को पूरा करने के लिए भारत ने ईरान और वेनेजुएला जैसे पुराने सहयोगियों से तेल की खरीदारी फिर से शुरू कर दी है।

रूसी तेल के आयात में क्यों आई कमी?

अप्रैल में भारत का रूसी तेल आयात घटकर 1.56 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया, जो मार्च में 1.98 mbd के रिकॉर्ड स्तर पर था। इसके मुख्य कारण ये है:

लोडिंग में बाधा: यूक्रेन के हमले के बाद एक प्रमुख रूसी टर्मिनल पर लोडिंग में आई दिक्कतों ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया।

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