इंडिया और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते की मुख्य बातों (टर्म्स ऑफ रेफरेंस)को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस बारे में पहले दौर की बातचीत जल्द शुरू होगी। कॉमर्स मिनिस्ट्री में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने 15 अप्रैल को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पहले दौर की बातचीत मई में शुरू होगी। अतिरिक्त सचिव एल सत्य श्रीनिवास ने कहा कि चीन ने अमेरिकी गुड्स पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे अमेरिकी एग्रीकल्चर गुड्स का आयात इंडिया में बढ़ सकता है।
10 फीसदी बेसलाइन टैरिफ के असर का विश्लेषण करेगी सरकार
कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल (Sunil Barthwal) ने कहा कि सरकार ने अभी अमेरिका को एक्सपोर्ट्स पर 10 फीसदी बेसलाइन टैरिफ और कुछ खास सेक्टर्स पर लगाए गए अलग टैरिफ के संभावित असर का विश्लेषण नहीं किया है। उन्होंने कहा, "ट्रेड पर अमेरिकी टैरिफ का कितना असर पड़ेगा, इसका पता लगाने के लिए हमें यह समझना पड़ेगा कि क्या रेसिप्रोकल टैरिफ में किसी तरह की छूट मिलने जा रही है और दूसरे देश अमेरिका से किस तरह की ट्रेड डील करते हैं।"
द्विपक्षीय व्यापार समझौते से दोनों देशों को फायदा
उन्होंने कहा कि इस साल के आखिर में अगर समझौता हो जाता है तो यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए अच्छा होगा। कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि इस बीच इंडिया का अमेरिका को एक्सपोर्ट्स बढ़कर FY25 में 820 अरब डॉलर पहुंच गया। पहली बार इंडिया से अमेरिका को एक्सपोर्ट इस स्तर पर पहुंचा है। मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स FY25 में 437.42 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल ट्रेड को लेकर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशंस (WTO) के निराशावादी आउटलुक के बावजूद FY25 में इंडिया ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।
यह भी पढ़ें: Trump Tariff News: डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं और चिप पर टैरिफ लगाने की प्रक्रिया शुरू की, यूएस ड्रग इंडस्ट्री ने जताई गंभीर चिंता
इंडिया का कुल इंपोर्ट 915 अरब डॉलर
इंडिया का कुल इंपोर्ट 915.19 अरब डॉलर रहा। इस तरह FY25 में ट्रेड डेफिसिट 20 फीसदी से ज्यादा रहा। सर्विसेज का एक्सपोर्ट्स बढ़कर 383.51 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले यह 341.06 अरब डॉलर था। इससे पता चलता है कि इंडिया का एक्सपोर्ट्स बढ़ रहा है। अगर इंडिया और अमेरिका में व्यापार समझौता इस साल के अंत तक हो जाता है तो यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा।