Piyush Goyal: 'भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं'; व्यापार समझौता पर लोकसभा में बोले पीयूष गोयल

India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये डील संवेदनशील कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की पूरी तरह से रक्षा करता है

अपडेटेड Feb 04, 2026 पर 12:58 PM
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India-US Trade Deal: पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका डील में कृषि-डेयरी क्षेत्रों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा

India-US Trade Deal: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार (4 फरवरी) को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील से भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ जिस द्विपक्षीय ट्रेड डील को अंतिम रूप दे रहा है, वह संवेदनशील कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की पूरी तरह से रक्षा करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा के एक दिन बाद गोयल ने लोकसभा में कहा कि दोनों देश जल्द ही समझौते का डिटेल्स देते हुए एक संयुक्त बयान जारी करेंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दे दिया है। पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में बताया कि पिछले एक साल से दोनों पक्ष अलग-अलग लेवल पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बातचीत में भारतीय पक्ष कृषि और डेयरी सेक्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में खास तौर पर सफल रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ कम करके 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह यह अमेरिका द्वारा कई अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ से कम है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


पीयूष गोयल ने कहा, "दोनों पक्षों (अमेरिका-भारत) के हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे। भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है।"

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे। 1 साल तक चली कई दौर के विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे। यह समझौता विशेष रूप से लेबर-इंटेंसिव सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है... खाद और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूर्ण ध्यान रखा गया है।"

विपक्षी सांसदों की तरफ से की जा रही है नारेबाजी के बीच गोयल ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को विकसित बनने के पथ पर आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है।

भारत-अमेरिका जारी करेंगे संयुक्त बयान

इससे एक दिन पहले मंगलवार को गोयल ने कहा था कि दोनों देश जल्द ही समझौते के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। इसका उद्योग और निर्यातक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मंत्री ने आश्वासन दिया कि यह समझौता देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ये डील हमारे संवेदनशील सेक्टर कृषि और डेयरी के हितों की पूरी तरह से रक्षा करेगा।

गोयल ने कहा कि यह समझौता टेक्सटाइल, प्लास्टिक, होम फर्निशिंग, चमड़ा और जूते, रत्न और आभूषण, ऑर्गेनिक रसायन, रबर उत्पाद, मशीनरी और विमान के लिए महत्वपूर्ण अवसर खोलेगा। इनमें से अधिकांश सेक्टर पर रेसिप्रोक्ल टैरिफ जल्द ही अमेरिकी बाजारों में मौजूदा 50 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती और बड़ी अर्थव्यवस्था है। गोयल ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ एक बहुत अच्छा व्यापार समझौता किया है, जो अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के समझौतों से बेहतर है। गोयल ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट अपने अंतिम चरण में है। समझौते के फ्रेमवर्क को स्पष्ट करने वाला एक संयुक्त भारत-अमेरिका बयान जल्द ही जारी किया जाएगा।

भारत ने डेयरी, चावल, गेहूं, मांस, पोल्ट्री, अनाज, जेनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य पदार्थ, सोया आटा और मक्का जैसे संवेदनशील सेक्टर को अपने व्यापार समझौतों के दायरे से लगातार बाहर रखा है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने एनर्जी, टेक्नोलॉजी, कृषि उत्पाद, कोयला और अन्य सामान सहित $500 बिलियन के अमेरिकी सामान खरीदने का वादा किया है। साथ ही कहा कि भारत अब रूस से तेज नहीं खरीदेगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर सरकार से जुड़े लोग चीजों को अपने हिसाब से पेश करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। लेकिन अब तक इस समझौते का कोई ठोस विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट है कि कृषि वस्तुओं के आयात को उदार बनाने को लेकर रियायतें दी गई हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हो गए हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स पर अब 18 प्रतिशत का कम टैरिफ लगेगा।

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