2047 तक भारत में होंगे 400 से अधिक एयरपोर्ट, हवाई यात्रा हर नागरिक के लिए होगी सस्ती: PM मोदी

Wings India 2026: बुधवार को Wings India 2026 विमानन शिखर सम्मेलन में वर्चुअल संबोधन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत 2047 तक 400 से अधिक हवाई अड्डों का एक विशाल नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। इससे हवाई यात्रा प्रत्येक नागरिक के लिए एक किफायती सेवा बन जाएगी।

अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 8:45 AM
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2047 तक भारत में होंगे 400 से अधिक एयरपोर्ट: PM मोदी

Wings India 2026: बुधवार को Wings India 2026 विमानन शिखर सम्मेलन में वर्चुअल संबोधन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत 2047 तक 400 से अधिक हवाई अड्डों का एक विशाल नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है और हवाई यात्रा प्रत्येक नागरिक के लिए एक किफायती सेवा बन जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने विंग्स में अपने संबोधन में कहा, "भारत में हवाई यात्रा अब केवल कुछ खास लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सबके लिए सुलभ हो रही है। हमारा मिशन हर भारतीय नागरिक के लिए हवाई यात्रा को आसानी से सुलभ बनाना है। इसीलिए हमने टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई अड्डों से जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि 2014 में भारत में 70 हवाई अड्डे थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। हमने देश में 100 से अधिक हवाई अड्डों को चालू किया है और इसके साथ ही अपने नागरिकों के लिए किफायती हवाई यात्रा योजनाएं शुरू की हैं।

2047 तक भारत में 400 से अधिक हवाई अड्डे होंगे- पीएम


पीएम ने कहा कि सरकार का अनुमान है कि 2047 तक भारत में 400 से अधिक हवाई अड्डे होंगे। यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क होगा। इतना ही नहीं, हमारी सरकार उड़ान योजना के अगले चरण पर भी काम कर रही है। यह नीति क्षेत्रीय और किफायती हवाई संपर्क को और मजबूत करेगी।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत तेजी से एक ऐसा वैश्विक विमानन हब बन रहा है, जो ग्लोबल साउथ को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल का उत्पादक बनकर पर्यावरण सुरक्षा में विश्व का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है।

भारत, विमान पुर्जों का प्रमुख निर्माता

उन्नत तकनीक पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "आज भी भारत विमान पुर्जों का एक प्रमुख निर्माता और आपूर्तिकर्ता है। हम घरेलू स्तर पर सैन्य और परिवहन विमानों का निर्माण शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भारत नागरिक विमान निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है। भारत के पास कई लाभ हैं। हवाई मार्गों में भारत की भौगोलिक स्थिति, हमारा मजबूत घरेलू फीडर नेटवर्क और लंबी दूरी के बेड़े का भविष्य में विस्तार हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं।

पीएम मोदी ने कहा, वह दिन दूर नहीं जब भारत में डिजाइन और निर्मित इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग विमान पूरे विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा देंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "यह तकनीक हमारे यात्रा समय को काफी हद तक कम कर सकती है। इसके अलावा, हम सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। आने वाले कुछ वर्षों में, भारत ग्रीन एविएशन फ्यूल का एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक बनने के लिए तैयार है... भारत ग्लोबल साउथ और दुनिया के बाकी देशों के बीच एक प्रमुख विमानन प्रवेश द्वार बन रहा है।"

नागरिक उड्डयन मंत्री ने Wings India 2026 का किया उद्घाटन

इससे पहले, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बेगमपेट हवाई अड्डे पर Wings India 2026 का उद्घाटन किया और इसे एशिया के सबसे महत्वपूर्ण विमानन शिखर सम्मेलनों में से एक बताया, जो हर दो साल में एक बार आयोजित होता है।

तेलंगाना सरकार के सहयोग से नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिक उड्डयन विनिर्माण में भारत की बढ़ती ताकत और इस क्षेत्र में बढ़ती मांग को उजागर करना है।

चार दिनों तक चलेगा आयोजन

एशिया का सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन कार्यक्रम, Wings India 2026, 28 से 31 जनवरी, 2026 तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित होने वाला है। उम्मीद है कि यह दुनिया भर के विमानन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा और अंतरराष्ट्रीय सिविल एविएशन में भारत की बढ़ती भूमिका को प्रतिबिंबित करेगा।

Wings India 2026 में एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, स्थिर विमान प्रदर्शन, एरोबेटिक फ्लाइंग शो, एक वैश्विक विमानन सम्मेलन, मंत्रिस्तरीय पूर्ण सत्र और एक वैश्विक सीईओ फोरम शामिल होंगे। कार्यक्रम में CEO गोलमेज सम्मेलन, B2B और B2G बैठकें, एविएशन जॉब फेयर, छात्रों के लिए इनोवेशन प्रतियोगिता और एक पुरस्कार समारोह भी शामिल हैं।

हवाई यात्रा में हुई वृद्धि

पिछले एक दशक में भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यात्री यातायात में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे भारत विश्व के शीर्ण विमानन बाजारों में शामिल हो गया है। भारतीय विमानन कंपनियों ने सैकड़ों नए विमान शामिल किए हैं, और रिकॉर्ड विमान ऑर्डरों ने देश को वैश्विक स्तर पर भविष्य के सबसे बड़े विमान बाजारों में से एक के रूप में स्थापित किया है।

भारत विमान रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (MRO), पायलट ट्रेनिंग, एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, कार्गो लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी के लिए भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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