Get App

ट्रंप की धमकियों के बावजूद रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद नहीं करेगा भारत: रिपोर्ट

रूस कच्चे तेल के मामले में भारत का प्रमुख सप्लायर है। भारत को कच्चे तेल की कुल सप्लाई में लगभग 35% हिस्सेदारी रूस की है। भारत, रूस से तेल यूरोपीय संघ की ओर से निर्धारित वर्तमान प्राइस लिमिट से कम पर खरीद रहा है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Aug 03, 2025 पर 3:49 PM
ट्रंप की धमकियों के बावजूद रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद नहीं करेगा भारत: रिपोर्ट
ईरानी और वेनेज़ुएला के तेल के उलट, रूसे के कच्चे तेल पर कोई डायरेक्ट प्रतिबंध नहीं हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेनल्टी की धमकी के बावजूद भारत, रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। रॉयटर्स ने दो सरकारी सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की नई दर 25 प्रतिशत रहने का ऐलान किया है। साथ ही रूस से हथियार और तेल की खरीद के लिए भारत पर पेनल्टी भी लगाई है। सूत्रों का कहना है कि इसमें तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा।

रॉयटर्स के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा, "ये लॉन्ग टर्म ऑयल कॉन्ट्रैक्ट हैं। रातोंरात खरीदारी बंद करना इतना आसान नहीं है।" रूस से भारत की तेल खरीद को उचित ठहराते हुए, एक दूसरे सूत्र ने कहा कि भारत की ओर से रूसी ग्रेड के तेल का आयात किए जाने ने तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल को रोकने में मदद की है। रूसी तेल क्षेत्र पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें कम बनी हुई हैं।

सूत्र ने बताया कि ईरानी और वेनेज़ुएला के तेल के उलट, रूस के कच्चे तेल पर कोई डायरेक्ट प्रतिबंध नहीं हैं और भारत इसे यूरोपीय संघ की ओर से निर्धारित वर्तमान प्राइस लिमिट से कम पर खरीद रहा है।

रूस से तेल खरीद रुकने की लगने लगी थीं अटकलें

सब समाचार

+ और भी पढ़ें