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PM आवास की खुदाई के दौरान धरती से आई एक आवाज! निकली 9वीं सदी की एतिहासिक मूर्ति, सब रह गए हैरान

गांव में मानो हड़कंप मच गया। कुछ ही घंटों में गांववाले वहां इकट्ठा हो गए, कोई मोबाइल से फोटो खींच रहा था, कोई बस देखे जा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे सदियों की कहानी इस एक मूर्ति में जीवंत हो उठी हो। मूर्ति मिलने के बाद गोदखर गांव में माहौल बदल गया। जिस घर की जमीन से यह निकली, उन्होंने इसे सम्मानपूर्वक अपने घर में रख दिया और पूजा शुरू कर दी

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 17, 2025 पर 1:50 PM
PM आवास की खुदाई के दौरान धरती से आई एक आवाज! निकली 9वीं सदी की एतिहासिक मूर्ति, सब रह गए हैरान
झारखंड के हजारीबाग में निकली 9वीं सदी की एतिहासिक मूर्ति

झारखंड के हजारीबाग की मिट्टी में कुछ तो खास है। यहां की हवा में इतिहास की गंध घुली है और हर कण में बीते युगों की कहानी छिपी है। कहते हैं- समय बीत जाता है, लेकिन मिट्टी अपने अंदर सब कुछ सहेज कर रखती है। कुछ ही दिन पहले, हजारीबाग के शांत से गांव गोदखर में सुबह की शुरुआत आम दिनों जैसी थी। लोधा परिवार की धनवा देवी अपने नए घर की नींव खुदवाने में व्यस्त थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें यह घर मिल रहा था। लेकिन इस बार धरती के भीतर से सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, इतिहास खुद बाहर आ गया।

जब JCB ने मिट्टी की एक परत को हटाया, तो अचानक किसी पत्थर से टकराने की आवाज आई। मजदूरों ने जरा नजदीक जाकर देखा तो उन्हें पत्थर नहीं, एक आकृति दिखाई दी- किसी देव मूर्ति जैसी। लोगों ने सावधानी से मिट्टी हटाई, तो धीरे-धीरे उमा-महेश्वर की एक प्राचीन प्रतिमा सामने आ गई।

गांव में मानो हड़कंप मच गया। कुछ ही घंटों में गांववाले वहां इकट्ठा हो गए, कोई मोबाइल से फोटो खींच रहा था, कोई बस देखे जा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे सदियों की कहानी इस एक मूर्ति में जीवंत हो उठी हो।

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