News18 Rising Bharat Summit 2025: केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार (8 अप्रैल) को कहा कि असम में टाटा का 27,000 करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर निवेश क्षेत्र की संभावनाओं को दर्शाता है। सिंधिया ने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन बन गए हैं। नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित 'न्यूज 18 राइजिंग भारत समिट 2025' को संबोधित करते हुए कहा, "असम में टाटा का ₹27,000 करोड़ का सेमीकंडक्टर निवेश पूर्वोत्तर की क्षमता को दर्शाता है।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 10 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने इसके लिए ठोस प्रयास भी किए हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिस क्षेत्र को कभी देश की अंतिम सीमा माना जाता था, आज वह देश की अग्रिम सीमा बन चुका है।
मंत्री ने कहा, "पूरे पूर्वोत्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्वव्यापी है। यही कारण है कि आज टाटा समूह जैसी कंपनियों ने देश में कहीं और नहीं बल्कि असम में सेमीकंडक्टर मेला लगाया है। इससे उस क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जो सकारात्मक बाहरी प्रभाव आएंगे। वह अविश्वसनीय है।"
उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के उत्थान के बारे में बात की है। उन्होंने इसे क्रियान्वित किया है। सिंधिया ने कहा, "हमारे देश का एक क्षेत्र जिसे हमेशा अंतिम सीमा के रूप में देखा जाता था, वह देश की पहली सीमा में बदल गया है।"
सिंधिया ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में एयरपोर्ट की संख्या 9 से बढ़कर 16 हो गई है। मंत्री ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में नेशनल हाईवे की लंबाई 10,000 किमी से बढ़कर 16,000 किमी हो गई है।"
सिंधिया ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर सभी व्यापारिक सौदों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा, "भारत के पूर्वोत्तर राज्य 12-15% की आर्थिक CAGR वृद्धि दर्ज करके देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं।"
मंत्री ने याद किया कि कैसे लगभग 500 से 1000 साल पहले, ग्लोबल साउथ से सारा व्यापार मध्य पूर्व और यूरोप में जाने से पहले पूर्वोत्तर से होकर गुजरता था। उन्होंने कहा, "और मुझे लगता है कि हमें उन क्षमताओं को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।"
सिंधिया ने यह भी कहा कि भारत काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "दुनिया की कोई भी ताकत हमें रोक नहीं पाएगी। हम 2028 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे, 2030 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।"
उन्होंने पीएम मोदी के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने पीएम के अधीन काम करने की तुलना ट्रेडमिल पर चलने से की। इस सवाल का जवाब देते हुए कि क्या राजनीति उनकी पहली पसंद थी, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उन्होंने देश के राजनीतिक इकोसिस्टम में प्रवेश नहीं किया, बल्कि सार्वजनिक सेवा में एंट्री किया।