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लखनऊ में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर धोखाधड़ी, ATS ऑफिसर बनकर जालसाजों ने एक दंपत्ति से लूटे ₹90 लाख

Lucknow cyber fraud: लखनऊ में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने शुक्रवार को साइबर ठगी करने वाले गैंग के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश ATS के अधिकारी बनकर एक शहर के व्यक्ति को फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और उससे करीब 90 लाख रुपये ठग लिए।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Mar 07, 2026 पर 12:33 PM
लखनऊ में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर धोखाधड़ी, ATS ऑफिसर बनकर जालसाजों ने एक दंपत्ति से लूटे ₹90 लाख
लखनऊ में एक दंपत्ति से ₹90 लाख की ठगी, साइबर गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार

Lucknow cyber fraud: लखनऊ में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने शुक्रवार को साइबर ठगी करने वाले गैंग के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के अधिकारी बनकर एक शहर के व्यक्ति को फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया और उससे करीब 90 लाख रुपये ठग लिए।

पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी की शुरुआत 26 जनवरी को हुई, जब पीड़ित की पत्नी वीना बाजपेयी को ATS मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रंजीत कुमार होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने उन पर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया।

इसके बाद वीना को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। ऐप के माध्यम से, अजय प्रताप श्रीवास्तव नामक एक एटीएस अधिकारी ने परिवार से संपर्क किया और "डिजिटल जांच" की।

आरोपियों ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश और जब्ती दस्तावेज दिखाकर दावा किया कि दंपति के बैंक खातों की जांच चल रही है।

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