यह बात सच है कि राजनीति में कोई किसी का पक्का दोस्त या पक्का दुश्मन नहीं होता। इसका एक सटीक उदाहरण महाराष्ट्र निकाय चुनाव में देखने को मिला है। अंबरनाथ नगर परिषद पर जीतने के लिए महायुति गठबंधन के सहयोगी BJP और शिवसेना के बीच चल रही तीखी लड़ाई में मंगलवार को एक नया मोड़ आ गया, जब प्रतिद्वंद्वी भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया। एक दुर्लभ कदम उठाते हुए शिवसेना को उसके पारंपरिक गढ़, यानी सांसद श्रीकांत शिंदे के निर्वाचन क्षेत्र में सत्ता से बाहर रखने के लिए दोनों दलों ने हाथ मिला लिया।
