March WPI Data : सरकार की तरफ से 14 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी,एनर्जी की बढ़ती लागत और निर्मित उत्पादों की कीमतों में तेजी के चलते,मार्च में भारत की थोक महंगाई दर बढ़कर 38 महीने के उच्चतम स्तर 3.88 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जबकि, फरवरी में यह 2.13 प्रतिशत थी। थोक महंगाई का रुख रिटेल महंगाई जैसा ही रहा। खाने-पीने की चीज़ों और खाना पकाने के ईंधन की कीमतों में बढ़त के कारण रिटेल महंगाई भी 3.21 फीसदी से बढ़कर 3.40 फीसदी पर रही है।
