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March WPI Data : मार्च में थोक महंगाई दर 3 साल के हाई पर आई, फरवरी के 2.13% से बढ़कर 3.88% पर रही

March WPI Data : कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण मार्च में थोक महंगाई बढ़कर 3.88% के 3 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। थोक महंगाई का रुख रिटेल महंगाई जैसा ही रहा। रिटेल महंगाई भी 3.21 फीसदी से बढ़कर 3.40 फीसदी पर रही है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 1:09 PM
March WPI Data : मार्च में थोक महंगाई दर 3 साल के हाई पर आई, फरवरी के 2.13% से बढ़कर 3.88% पर रही
March WPI Data : थोक महंगाई में बढ़ोतरी के बावजूद,रिटेल महंगाई अभी भी भारतीय रिज़र्व बैंक के 4 प्रतिशत के मध्यम-अवधि के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है

March WPI Data : सरकार की तरफ से 14 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी,एनर्जी की बढ़ती लागत और निर्मित उत्पादों की कीमतों में तेजी के चलते,मार्च में भारत की थोक महंगाई दर बढ़कर 38 महीने के उच्चतम स्तर 3.88 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जबकि, फरवरी में यह 2.13 प्रतिशत थी। थोक महंगाई का रुख रिटेल महंगाई जैसा ही रहा। खाने-पीने की चीज़ों और खाना पकाने के ईंधन की कीमतों में बढ़त के कारण रिटेल महंगाई भी 3.21 फीसदी से बढ़कर 3.40 फीसदी पर रही है।

थोक महंगाई में सबसे तेज़ उछाल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस सेक्टर में आया है। यहां फरवरी के 2.56 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले मार्च की महंगाई दर बढ़कर 35.98 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इस कटेगरी के अंदर अकेले कच्चे पेट्रोलियम की महंगाई बढ़कर 51.57 प्रतिशत हो गई है। जबकि फरवरी में इसमें 1.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

ईंधन और बिजली की महंगाई भी बढ़कर 1.05 प्रतिशत हो गई है। जबकि, फरवरी में इसमें 3.78 प्रतिशत की गिरावट आई थी। पेट्रोल की कीमतें 2.5 प्रतिशत बढ़ीं हैं। जबकि हाई-स्पीड डीज़ल की महंगाई बढ़कर 3.26 प्रतिशत हो गई है।

ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि ग्लोबल स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतें अब घरेलू थोक कीमतों पर भी असर दिखा रही हैं। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि अगर एनर्जी की कीमतें इसी तरह मजबूत बनी रहीं तो महंगाई का दबाव और भी बढ़ सकता है।

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