Meghalaya Tension: मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में जारी अशांति के बीच बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के DIG के काफिले में शामिल एक वाहन को कुछ लोगों ने आग लगा दी। लोगों ने बीएसएफ के जवानों पर हमला किया जिसमें वे घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना बुधवार (11 मार्च) शाम को उस समय हुई जब डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) अन्य अधिकारियों के साथ भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पश्चिम गारो हिल्स जिले के तुरा कस्बे में बैठक से लौट रहे थे।
अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि इस घटना में डीआईजी और उनके साथ मौजूद अधिकारियों को मामूली चोटें आई। काफिले का हिस्सा रही बीएसएफ की एक गाड़ी आगजनी का शिकार हो गई। भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा बीएसएफ करती है। मेघालय में बीएसएफ की तैनाती इसलिए भी है क्योंकि 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का 443 किलोमीटर हिस्सा इसी राज्य से होकर गुजरता है।
मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में रातभर हुई आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के बाद गुरुवार सुबह हालात तनावपूर्ण बने रहे। उन्होंने बताया कि तुरा शहर के कई इलाकों में निवासियों ने अपने मोहल्लों की सुरक्षा के लिए पूरी रात पहरा दिया। लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं।
क्यों भड़की हिंसा? अब तक 2 लोगों की मौत
गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHACD) के चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने को लेकर गारो समुदाय और गैर-गारो समुदाय के बीच हुई झड़पों में मंगलवार (10 मार्च) को दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को क्षेत्र के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई। पश्चिम गारो हिल्स और पूर्वी गारो हिल्स जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। हिंसा को देखते हुए सरकार ने 10 अप्रैल को प्रस्तावित जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित कर दिया है।
मेघालय के DGP इदाशिशा नोंग्रुम ने कंफर्म किया कि चिबिनांग में कर्फ्यू के दौरान गुस्साए ग्रुप्स के इकट्ठा होने पर पुलिस की फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई। वेस्ट गारो हिल्स जिला प्रशासन ने अब पूरे जिले में 13 मार्च को रात 12:00 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। DC विभोर अग्रवाल की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा और शांति भंग होने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे इंसानी जान, लोगों की सुरक्षा और प्रॉपर्टी को गंभीर खतरा है।
जिले के उपायुक्त वी अग्रवाल ने पीटीआई को बताया कि कर्फ्यू 13 मार्च की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि गारो पर्वतीय क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इस बीच पड़ोसी पूर्वी गारो पर्वतीय जिले में प्रशासन ने गुरुवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी। ताकि लोग आवश्यक सामान खरीद सकें।
अशांति के कारण गारो पर्वतीय क्षेत्र के कई हिस्सों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुई। हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन तुरा में और दो चिबिनांग में तैनात की गई हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, बुधवार रात असामाजिक तत्वों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में दुकानों सहित कई संपत्तियों में लूटपाट और तोड़फोड़ की। साथ ही उन्हें आग के हवाले कर दिया। इसके बाद लोगों ने खुद को संगठित कर अपने इलाकों की सुरक्षा के लिए निगरानी शुरू कर दी ताकि आगे नुकसान न हो। हमले का शिकार हुए प्रतिष्ठानों में तुरा में स्थित एक शराब की दुकान भी शामिल है, जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के एक परिजन की बताई जाती है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाते हुए रिहायशी इलाकों में घुसकर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की। इसे देखते हुए शहर के कई हिस्सों के लोगों ने स्वेच्छा से रातभर पहरा देकर अपने घरों, व्यवसायों और मोहल्लों की सुरक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सामुदायिक प्रतिनिधियों और चर्च नेताओं ने पहल शुरू की है।
अशांति के कारण गारो पर्वतीय क्षेत्र के कई हिस्सों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुई। हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन तुरा में और दो चिबिनांग में तैनात की गई हैं। हिंसा के बाद मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 अप्रैल को प्रस्तावित जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित कर दिया गया है।