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Middle East War Impact: मुंबई पोर्ट पर फंसा हजारों टन कृषि उत्पाद, टेंशन में किसान और निर्यातक

Middle East War Impact: मुंबई का जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की मार झेल रहा है। अरब देशों, इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते समुद्री जहाजों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते कई कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Mar 03, 2026 पर 1:14 PM
Middle East War Impact: मुंबई पोर्ट पर फंसा हजारों टन कृषि उत्पाद, टेंशन में किसान और निर्यातक
मुंबई पोर्ट पर फंसा हजारों टन कृषि उत्पाद, टेंशन में किसान और निर्यातक

Middle East War Impact: मुंबई का जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की मार झेल रहा है। अरब देशों, इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते समुद्री जहाजों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते कई कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं।

फिलहाल, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) पर 1,000 से अधिक एक्सपोर्ट कंटेनर फंसे हुए हैं। इनमें अंगूर, प्याज, पपीता आदि की खेप शामिल हैं।

फंसे हुए कंटेनरों में से 150 में नासिक के प्याज हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्येक कंटेनर में औसतन 29-30 टन प्याज है, जिससे फंसे हुए प्याज की कुल मात्रा 5,400 टन हो जाती है।

ये खेप मुख्य रूप से खाड़ी देशों के लिए थीं, जिनमें से अधिकांश दुबई के रास्ते भेजी जानी थीं। हालांकि, मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति के कारण, दुबई का बाजार अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। खाड़ी देशों तक पहुंच चुके भारतीय कंटेनरों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। दुबई पहुंच चुके 370 कंटेनर भी वहीं फंसे हुए बताए जा रहे हैं। इसी रास्ते का इस्तेमाल कुछ यूरोपीय देशों को एक्सपोर्ट करने के लिए भी किया जाता है, जो अब प्रभावित हुए हैं।

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