MP News: मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने राजधानी भोपाल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक मदरसे के छात्रों को संबोधित करते हुए उनसे क़ुरान के साथ भगवद गीता पढ़ने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि इससे उन्हें अपनी राह को रौशन करने में मदद मिलेगी। एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीहोर जिले के डोहरा गांव में स्थित मदरसे के छात्रों से बात की।
बाद में सिंह ने पीटीआई से कहा, "मदरसे के मौलाना साब मेरे पुराने मित्र हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर छात्रों को संबोधित करने का अनुरोध किया। मैंने छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए बधाई दी। साथ ही छात्रों एवं उनके शिक्षकों से पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सहिष्णुता के प्रति जागरूकता विकसित करने का भी आग्रह किया।"
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1994 बैच के अधिकारी सिंह ने कहा कि उन्होंने छात्रों से यह भी कहा, "कुरान के साथ साथ भगवद् गीता का भी अध्ययन करें क्योंकि यह सदियों से ज्ञान प्रदान कर रही है।"
कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के इंस्पेक्टर जनरल रह चुके सिंह ने कहा कि उन्होंने छात्रों से कहा कि भारत एक विशाल देश है। साथ ही कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि वे कश्मीर से कन्याकुमारी तक इसकी एकता एवं अखंडता को बनाए रखें।
इससे पहले, सिंह ने मध्य प्रदेश के सभी पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों को ट्रेनीज के लिए भगवद गीता और रामचरितमानस के रीडिंग सेशन आयोजित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि इससे उन्हें सच्चाई और धर्म के अनुसार अपना जीवन जीने में मदद मिलेगी।
प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार का 'फरमान'
इस बीच, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में प्रेम विवाह के खिलाफ एक विवादास्पद फरमान सुनाए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को छह ग्रामीणों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। साथ ही उन्हें कानूनन पाबंद किया कि वे गांव में शांति बनाए रखेंगे। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पंचेवा गांव में चार दिन पहले लिए गए विवादास्पद फैसले में कहा गया था कि परिजनों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों के साथ ही उनके परिवारों का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
SP अमित कुमार ने बताया कि इस बात की घोषणा के वीडियो के आधार पर गांव के छह लोगों को बाउंड ओवर (किसी व्यक्ति को अच्छा आचरण बनाए रखने या शांति भंग न करने के लिए कानूनी रूप से पाबंद करना) किया गया है। उन्होंने बताया, "पंचेवा के एक पीड़ित परिवार के आवेदन को संबंधित क्षेत्र के पुलिस अफसरों को भेजकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।"
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से पंचेवा गांव के लोगों के साथ संवाद किया जा रहा है। ताकि भविष्य में ऐसे मामले सामने नहीं आएं। इस गांव में 23 जनवरी को सरेआम सुनाए गए एक फरमान से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया।
वीडियो में एक व्यक्ति ग्रामीणों की भीड़ के सामने घोषणा करते नजर आ रहा है कि घर से भाग कर प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। उन्हें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों का साथ देने वाले ग्रामीणों पर भी सामाजिक प्रतिबंध लगाया जाएगा।
साथ ही प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों को पंचेवा गांव में किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने और उन्हें दूध एवं रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य चीजों की आपूर्ति नहीं किए जाने समेत कई सामाजिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की गई थी।