Navi Mumbai International Airport: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर गुरुवार (25 दिसंबर) को कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हो गए। यह भारत की फाइनेंशियल कैपिटल के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। मौजूदा मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सालों की भीड़भाड़ के बाद यह औपचारिक रूप से मल्टी-एयरपोर्ट सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट पर पहली आने वाली और जाने वाली फ्लाइट्स को पारंपरिक वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) ने पहली फ्लाइट के साथ ऑपरेशन शुरू किया। उसमें बेंगलुरु से इंडिगो का एक विमान सुबह 8:00 बजे रनवे पर उतरा। एयरपोर्ट ऑपरेटर ने एक बयान में कहा कि फ्लाइट के आने पर उसे पारंपरिक 'वॉटर कैनन सैल्यूट' दिया गया, जो एक पुरानी एविएशन परंपरा है। अधिकारी ने कहा कि ये NMIA की पहली कमर्शियल लैंडिंग और टेक-ऑफ का प्रतीक है।
बयान के अनुसार, पहली लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट से पहली उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6E882 हैदराबाद के लिए सुबह 8:40 बजे थी। इसने NMIA के उद्घाटन लैंडिंग और टेक-ऑफ चक्र को पूरा किया। पहले दिन, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्टार एयर घरेलू सेवाएं संचालित करेंगी। ये नई सुविधा को भारत भर के 9 डेस्टिनेशन से जोड़ेगी।
बयान में कहा गया है कि एयरपोर्ट पहले दिन 15 उड़ानों को संभालेगा। शुरुआती चरण में यह सुविधा 12 घंटे (सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे के बीच) संचालित होगी। इसमें 13 डेस्टिनेशन के लिए प्रतिदिन 24 उड़ानों का प्रावधान होगा। एयरपोर्ट में प्रति घंटे 10 विमानों की आवाजाही (लैंडिंग और टेक-ऑफ) को संभालने की क्षमता भी होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 8 अक्टूबर को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। पीएम मोदी ने 2018 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। पांच चरणों वाली एयरपोर्ट परियोजना का पहला चरण 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। एक बार जब एयरपोर्ट के सभी पांच चरण पूरे हो जाएंगे, तो यह सालाना 90 मिलियन यात्रियों को सेवा देगा। इसमें एक समर्पित कार्गो टर्मिनल भी होगा।
पूरी परियोजना को एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV), नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NMIAL) के तहत कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसमें अदानी समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 26 प्रतिशत सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CIDCO) के पास है। अगले साल फरवरी से संचालन को धीरे-धीरे बढ़ाकर 24 घंटे करने की योजना है।
प्रोजेक्ट का पहला चरण 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। 1,160 हेक्टेयर में फैले इस एयरपोर्ट में फिलहाल एक टर्मिनल और एक रनवे है, जिसकी सालाना यात्री हैंडलिंग क्षमता 20 मिलियन है। एयरपोर्ट पर रिटेल और खाने-पीने की चीज़ों को किफायती और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऑपरेटर के अनुसार, अगले साल फरवरी से ऑपरेशंस धीरे-धीरे 24 घंटे की सेवाओं तक बढ़ने की उम्मीद है।