NEET Paper Leak: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी NEET UG 2026 का पेपर लीक होने के बाद हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। 3 मई को NEET UG 2026 एग्जाम खत्म होने के बाद राजस्थान के सीकर के केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार ने क्वेश्चन पेपर का एनालिसिस करना शुरू किया। इस दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। टीचर के मुताबिक, कई सवाल एक वायरल PDF से हूबहू मिलते-जुलते थे, जो ऑनलाइन वायरल रहा था। इसी वजह से वह पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने अधिकारियों को पेपर लीक की आशंका के बारे में आगाह किया था।
NDTV के मुताबिक, केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल एक जैसे थे। सुथार के मुताबिक, 3 मई को शाम करीब 5 बजे नीट एग्जाम खत्म होने के बाद वह अपने छात्रों के साथ NEET क्वेश्चन पेपर का एनालिसिस कर रहे थे। जब वह पेपर देख रहे थे, तभी उनके किसी परिचित ने उन्हें एक PDF डॉक्यूमेंट दिखाया। उस व्यक्ति का दावा था कि यह PDF दो मई से ही वायरल हो रहा है यानी NEET एग्जाम से ठीक एक दिन पहले ही पेपर लीक हो गया था।
न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में सुथार ने बताया, "उस व्यक्ति ने मुझसे यह वेरिफाई करने को कहा कि क्या उस PDF में दिए गए कोई भी सवाल असल में परीक्षा में आए थे। जब मैंने PDF के केमिस्ट्री सेक्शन को देखा, तो मुझे पता चला कि उसमें NEET परीक्षा में आए सभी 45 सवाल हूबहू मौजूद थे।"
वायरल PDF और NEET-UG क्वेश्चन पेपर के बीच इतनी अधिक समानताएं देखकर, सुथार ने उस व्यक्ति से पूछा कि क्या उसके पास ऐसी कोई और PDF भी है। इसके बाद उस व्यक्ति ने उन्हें बायोलॉजी की PDF दिखाई। साथ ही सुथार ने एक बायोलॉजी टीचर से उस विषय के सवालों का मिलान करने को कहा। सुथार ने आगे बताया, "बायोलॉजी के 90 सवाल लीक हुए सवालों के सेट से मेल खा गए।"
टीचर ने खुद पुलिस को दी जानकारी
सुथार ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता थी कि पेपर लीक की वजह से काबिल और मेहनती छात्रों को नुकसान हो सकता है। इसलिए, अगले ही दिन सुबह उन्होंने सीकर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने उन्हें सलाह दी कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इस बारे में लिखकर शिकायत करें, क्योंकि यही एजेंसी परीक्षा आयोजित करती है। NDTV के अनुसार, सुथार ने NTA को एक ईमेल भेजकर संभावित लीक के बारे में जानकारी दी। इसके तुरंत बाद उन्हें NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह का फोन आया, जिन्होंने उनसे सारी जानकारी ली।
केमिस्ट्री टीचर ने बताया, "हमने औपचारिक रूप से प्रशासन को इस मामले की सूचना दी... इस मामले को आगे बढ़ाते हुए, हमने संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया। हमने NTA, CBI और शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजे।" उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उनसे संपर्क किया, जो इस लीक की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा, "मैं इन सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त करना चाहूंगा, क्योंकि उन्होंने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी और तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने इस गलत काम में शामिल लोगों का सफलतापूर्वक पर्दाफ़ाश किया है, और उन्हें देश और दुनिया के सामने उजागर किया है।" किसी भी तरह की धमकी या किसी से भी फोन आने की बात से इनकार करते हुए व्हिसलब्लोअर ने कहा कि इस लीक का पर्दाफ़ाश करने के पीछे उनका एकमात्र मकसद मेहनती छात्रों का हित था।
CBI ने अब तक इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के जयपुर और सीकर, हरियाणा के गुरुग्राम और महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और अहिल्यानगर के लोग शामिल हैं।
CBI की जांच में सबसे बड़ी सफलता पुणे से मिली, जब एजेंसी ने केमिस्ट्री लेक्चरर PV कुलकर्णी और बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे को गिरफ्तार किया। कुलकर्णी NTA एग्जाम प्रक्रिया में शामिल थे। वहीं, मांधरे NEET प्रक्रिया के लिए काम करती थीं, जिन्हें NTA ने एक एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था।