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Nepal-India Relations: भारत के इस फैसले से फीकी हो जाएगी नेपाल के बालेन शाह की चाय! लगा तगड़ा झटका

Nepal-India Relations: भारत ने नेपाल से आयात होने वाले चाय के लिए नए और बेहद कड़े नियमों की घोषणा की है, जो 1 मई से प्रभावी होंगे। भारत के इस फैसले से नेपाली चाय निर्यातकों को निश्चित रूप से नुकसान होगा। इससे नेपाल के चाय निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। पड़ोशी देश के व्यापारी टेंशन में आ गए हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 8:56 AM
Nepal-India Relations: भारत के इस फैसले से फीकी हो जाएगी नेपाल के बालेन शाह की चाय! लगा तगड़ा झटका
Nepal-India Relations: अब भारत में आयात होने वाली नेपाल की सभी चाय की अनिवार्य जांच होगी

Nepal-India Relations: भारत ने नेपाल से आयात होने वाले चाय के लिए नए और बेहद कड़े नियमों की घोषणा की है, जो 1 मई से लागू होंगे। भारत सरकार ने नेपाली चाय की जांच के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। इससे नेपाल के चाय निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इन नए रूल्स के तहत, भारतीय बाजार में एंट्री करने से पहले आयातित चाय की गुणवत्ता की अनिवार्य जांच कराना जरूरी होगा। नेपाल का चाय उद्योग पहले से ही बढ़ती लागत और बाजार के दबाव से जूझ रहा है। इस बीच भारत के ताजा फैसले से अब पड़ोसी देश को चाय व्यापार में गिरावट का डर सता रहा है।

इस कदम का दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाले सीमा-पार चाय व्यापार पर काफी गहरा असर पड़ सकता है। इस फैसले से नेपाली चाय निर्यातकों को निश्चित रूप से भारी नुकसान होगा। 'भारतीय चाय बोर्ड' की तरफ से जारी नई अधिसूचना के अनुसार, भारत में एंट्री करने वाली चाय की प्रत्येक खेप (कंसाइनमेंट) की कड़ी लैब टेस्टिंग अब अनिवार्य होगी। भारत ने चाय में संभावित मिलावट को रोकने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह नियम लागू किया है।

नए नियम में क्या है?

भारत सरकार ने सभी देशों से आयातित चाय के लिए एक नई 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) जारी की है। पहले निर्यात सामान्य प्रक्रियाओं और पार्शियल सैंपल टेस्टिंग के माध्यम से किया जाता था। लेकिन अब प्रत्येक वाहन और सभी खेप का अनिवार्य रूप से टेस्ट किया जाएगा। इसके अनुसार, प्रत्येक खेप की टेस्टिंग किसी मान्यता प्राप्त लैब में किया जाना अनिवार्य है, ताकि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

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