News18 Rising Bharat Summit 2025: न्यूज 18 के 'राइजिंग भारत समिट 2025' के कार्यक्रम में पहुंचे इंडिया ऑफिसेज के चेयरमैन करन सिंह ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही भारत पर 26 फीसदी का टैरिफ लगाया हो। लेकिन भारत पर इसका खास असर नहीं होगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत को निश्चित तौर पर इसमें छूट मिलेगी। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा था कि भारत हमसे 52% शुल्क लेता है, इसलिए हम उनसे इसका आधा 26 फीसदी टैरिफ लेंगे।
नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित 'न्यूज 18 राइजिंग भारत समिट 2025' को संबोधित करते हुए करण सिंह ने मंगलवार (8 अप्रैल) को कहा कि ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को उलटने के बाद ग्राहक वैकल्पिक परिदृश्यों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया को यह पता लगाने की जरूरत है कि आगे महंगाई के साथ क्या होने वाला है।
करन सिंह ने आगे कहा, "भारत के लिए टैरिफ के साथ एक अवसर भी आया है। हमें कई मुद्दों पर चीजों को सुलझाना होगा। अगर हम अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में अच्छी तरह से बातचीत कर सकते हैं तो भारत को मैन्युफैक्चरिंग में लाभ होगा। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित होगा।"
सिंह ने आगे कहा कि भारत को और अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI आकर्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "हमें बस यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम अधिक FDI आकर्षित करें। इसके लिए हमें वैश्विक चैंपियंस की जरूरत है, जो भारत में आकर सेटअप करें। साथ ही भारत में अपना उत्पादन बढ़ाएं। अगर हम चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं तो जाहिर तौर पर ग्लोबल लेवल की कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी।"
इस दौरान EY India के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि अनिश्चितता ने दुनिया को जकड़ लिया है। मेमानी ने कहा कि ट्रंप मैन्युफैक्चरिंग को अमेरिका में वापस लाने के लिए दृढ़ हैं, भले ही इसके लिए उन्हें देशों और कंपनियों पर दबाव डालना पड़े। पैनल चर्चा के दौरान मेमानी ने कहा, "इससे अनिश्चितता पैदा हो रही है। लोग व्यावसायिक निवेश के फैसले लेने में असमर्थ हैं।"
भारत में BCG के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल जैन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के कारण निवेश में मंदी की आशंका है, जिसका कैपिटल एक्सपेंडिचर पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। हालांकि, जैन ने कहा कि भारत को हर साल 8-9 प्रतिशत की दर से बढ़ने की जरूरत है। जैन ने कहा, "भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की कहानी अच्छी है, जिसने अभी अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं किया है।"
उन्होंने कहा कि Apple अमेरिका में आईफोन भेजने की अपनी कार्ययोजना पर नजर रखेगा। 8 अप्रैल को अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने बताया कि टेक फर्म हाई टैरिफ से बचने के लिए अपने कुछ उत्पादन को चीन से भारत में शिफ्ट करने पर विचार कर रही है। जैन ने यह भी कहा कि भारत को अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिनके बाहर जाने की संभावना नहीं है।
एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने का भारत पर सीधा प्रभाव अभी तक अस्थिर लग रहा है। इस साल के अंत तक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते से इसका प्रभाव सीमित हो जाएगा। इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत का अमेरिकी उत्पादों पर लागू शुल्क सिर्फ सात-आठ प्रतिशत है। यह बहुत अधिक नहीं है।
गोयल ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि भारत का मानना है कि वह उन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते कर सकता है जो निष्पक्ष व्यापार गतिविधियों का पालन करते हैं। वाणिज्य मंत्री ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके अनुचित तौर-तरीकों ने दुनिया को वर्तमान मोड़ पर ला खड़ा किया है।