वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी की यूनियन बजट की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अक्सर बिना किसी ठोस आधार के बोलते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना का जवाब दिया और कहा कि वो सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था की “हकीकत से अनजान” हैं। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ एक खास इंटरव्यू में निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह विपक्ष की राय और सुझावों को गंभीरता से सुनने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियों के पीछे क्या आधार है, इस पर सवाल उठते हैं। उनके मुताबिक, बजट को तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर समझना जरूरी है।
राहुल गांधी पर निर्माला सीतारमण का पलटवार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पद का सम्मान करती हैं, लेकिन उनकी आलोचनाओं में अक्सर ठोस आंकड़ों और गंभीरता की कमी होती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, इसलिए वह उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहती हैं और यह देखना चाहती हैं कि सरकार कहां बेहतर कर सकती है। लेकिन उनके मुताबिक, ज़्यादातर मौकों पर राहुल गांधी बिना पूरी तैयारी के बयान देते हैं। सीतारमण ने यह भी कहा कि किसी भी नीति की आलोचना तथ्यों और सही आंकड़ों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि लोकतंत्र में एक मज़बूत और भरोसेमंद विपक्ष जरूरी है, लेकिन सरकार को सही जवाब देने के लिए विपक्ष के पास पुख्ता डेटा होना भी उतना ही जरूरी है।
वहीं राहुल गांधी के डेड इकोनॉमी वाले बयान पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि, “जल्दबाजी में डेड इकोनॉमी पर की गई उस एक टिप्पणी ने खुद उनके पैरों के नीचे से जमीन खींच ली। वह बिना किसी आधार के बोलते हैं। वह हवा में बात करते हैं। भारत एक बेहतर विपक्ष का हकदार है।” बता दें कि, रविवार को देश का आम बजट पेश करने के कुछ घंटों बाद, राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट पर लिखा था, “युवा बिना नौकरी के, गिरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत कम हो रही है और किसान संकट में हैं। आने वाले वैश्विक झटके… सभी को नजरअंदाज़ किया गया।”