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Noida Car Accident : नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत मामले में पहली कार्रवाई, बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज

Greater Noida Car Accident : मोहिंदर ने आरोप लगाया कि हादसे वाली जगह पर मौजूद पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के जवानों ने पानी में उतरने से मना कर दिया। उनका कहना था कि ठंड बहुत ज़्यादा है और अंदर लोहे की छड़ें हैं, जिससे जान का खतरा हो सकता है। मोहिंदर ने बताया कि वह रात करीब 1:45 बजे मौके पर पहुंचे थे। उस समय युवराज को डूबे हुए मुश्किल से दस मिनट ही हुए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 18, 2026 पर 9:30 PM
Noida Car Accident : नोएडा सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत मामले में पहली कार्रवाई, बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की प्रशासन की नाकामी के चलते नाले में गिरने से मौत हो गई।

Greater Noida Car Accident :  ग्रेटर नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की प्रशासन की नाकामी के चलते नाले में गिरने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद लोगों में काफी गुस्सा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भयावह मौत मामले में पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। मृतक युवराज के पिता की तहरीर पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। मामले में जिस जमीन पर हादसा हुआ, उसके मालिक दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने एफआईआर के बारे में जानकारी दी।

'मुझे बचा लो...',

वहीं इस हादसे के दौरान डिलीवरी एजेंट मोहिंदर ने मदद की आवाज सुनी तो बिना देर किए अपनी कमर में रस्सी बांधी और पानी से भरे बेसमेंट में कूद गए। उन्होंने युवराज को बाहर निकालने की हर मुमकिन कोशिश की।उस डरावनी रात को याद करते हुए मोहिंदर ने बताया कि यह हादसा आधी रात के करीब हुआ था। कोहरा इतना ज्यादा था कि सड़क पर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी वजह से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह नाले की दीवार तोड़ते हुए नीचे गिर गई। मोहिंदर ने कहा कि उन्हें युवराज की आवाज़ सुनाई दी, जो मदद के लिए लगातार चिल्ला रहे थे। उन्होंने बताया, “करीब एक घंटे पैंतालीस मिनट तक वह लड़का रोते हुए कहता रहा—‘भाई, किसी तरह मुझे बचा लो।’

पुलिस और SDRF पर बड़ा आरोप

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