Amritsar Blackout: गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर, अमृतसर जिला प्रशासन ने गुरुवार देर रात ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत फिर से ब्लैकआउट का रिहर्सल किया। शहरे में सभी लाइटें बंद कर दी गईं। यह दूसरी बार था जब कुछ घंटों के भीतर शहर में दूसरी बार ब्लैकआउट किया गया। पहली ड्रिल बुधवार रात 10:30 बजे से 11:00 बजे के बीच हुई थी, जबकि दूसरी ड्रिल सुबह 1:30 बजे शुरू हुई। इस अभ्यास के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने घरों में ही रहें, घबराएं नहीं और सभी बाहरी लाइटें बंद कर दें। प्रशासन का कहना है कि यह ड्रिल नागरिक सुरक्षा के तहत की जा रही है ताकि आपातकालीन स्थिति में लोग और अधिकारी सही ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
अमृतसर के जिला जन संपर्क अधिकारी (DPRO) ने कहा, “बेहद सतर्कता बरतते हुए प्रशासन ने फिर से ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू की है। कृपया अपने घरों में रहें, घबराएं नहीं, और बाहर जमा न हों। बाहरी लाइटें बंद रखें।”
इस दौरान अमृतसर के ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर में लाइटें बंद करके अंधेरा कर दिया गया। ड्रिल समाप्त होने के बाद मंदिर की लाइटें दोबारा चालू की गईं। अमृतसर के एक पुलिस अधिकारी जगतर सिंह ने बताया, “पहला ब्लैकआउट रात 10:30 से 11 बजे तक हुआ। निर्देश थे कि कोई भी लाइट जलनी नहीं चाहिए ताकि दुश्मन को शहर की मौजूदगी का आभास न हो। यह अभ्यास देशहित में किया जा रहा है। कुछ लोग इसका पालन कर रहे हैं, कुछ नहीं। सायरन बजने के दो मिनट के भीतर पूरा ब्लैकआउट कर दिया गया।”
स्वर्ण मंदिर में ब्लैकआउट के दृ्श्य को आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं-
यह अभ्यास केवल अमृतसर तक सीमित नहीं था। देशभर के 244 जिलों में यह नागरिक सुरक्षा ड्रिल आयोजित की गई, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चंडीगढ़ भी शामिल हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और बिहार के शहरों जैसे बाड़मेर, ग्वालियर, सूरत, शिमला और पटना में भी सार्वजनिक भवनों और स्थलों की लाइटें बंद की गईं।
यह ब्लैकआउट ड्रिल ऐसे समय में की गई जब भारत की सेनाओं ने कुछ ही घंटे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। ये हमले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।
इस तरह की नागरिक सुरक्षा ड्रिलों का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि देश को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है।