India-Pakistan Tensions: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (8 मई) को नई दिल्ली में नेशनल क्वालिटी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारतीय सेना की तरफ से पाकिस्तान में आतंकी कैंपों को नष्ट करने की कार्रवाई की जमकर तारीफ की। सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' को 'अकल्पनीय' सटीकता के साथ अंजाम दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस अभियान में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम देने में दिखाए गए साहस और वीरता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को बधाई दी। सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को इस तरह से अंजाम दिया गया कि आम नागरिकों को न्यूनतम क्षति हो। यह हमारे सख्त और पेशेवर रूप से ट्रेंड सशस्त्र बलों तथा उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों के कारण संभव हो सका।
उन्होंने बताया कि अभियान में नौ आतंकवादी शिविर नष्ट कर दिए गए और बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार (7 मई) तड़के आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ बहावलपुर सहित कई आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों और इसकी साजिश रचने वालों को न्याय के दायरे में लाने के लिए नपी-तुली, टकराव को नहीं बढ़ाने वाली और संतुलित एवं जिम्मेदाराना कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस बीच राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में कहा कि पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए।
सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्री ने बैठक में शामिल नेताओं को यह भी बताया कि यह एक जारी अभियान है। उन्होंने कहा कि अगर भारत के टारगेटेड हमले के मद्देनजर पाकिस्तान कोई सैन्य कदम उठाता है तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने यह सूचित किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत की गई कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए हैं।
बैठक में शामिल सभी दलों के नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार का समर्थन किया और सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता प्रकट की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह मांग उठाई कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए, जिससे अच्छा संदेश जाएगा।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों को बताया कि इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। नेताओं ने परिपक्वता दिखाई तथा किसी तरह की बहस नहीं हुई। उनके अनुसार, नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सभी भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंताओं को भी साझा किया।
किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार को पूरा समर्थन देते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में राष्ट्र एकजुट है। उनके अनुसार, रक्षा मंत्री ने बैठक में कहा, "हम सिर्फ सरकार बनाने के लिए राजनीति नहीं करते, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी करते हैं।"
उन्होंने कहा, "रक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि यह अभियान अब भी जारी है, इसीलिए वह भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तकनीकी डिटेल्स शेयर नहीं कर सकते।" केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, यही कारण है कि सशस्त्र बलों का कोई भी अधिकारी सर्वदलीय बैठक में मौजूद नहीं था, क्योंकि वे अभियान में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने एक स्वर में बात की और परिपक्वता दिखाई तथा सरकार और सशस्त्र बलों को पूरा सहयोग देने का वादा किया। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की पिछले एक पखवाड़े में यह दूसरी बैठक थी।