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'हमें डर है कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा' ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा से लगे गावों से पलायन कर रहे लोग

ग्रामीणों का कहना है कि एहतियातन गांव खाली करने का बड़ा कारण भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति और पाकिस्तान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की चिंता है। फिरोजपुर जिले के रहने वाले जगतार सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमारे गांव में स्थिति गंभीर हो गई है। हमें डर है कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड May 08, 2025 पर 1:09 PM
'हमें डर है कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा' ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा से लगे गावों से पलायन कर रहे लोग
Pakistan Ceasefire LOC: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा से लगे गावों से पलायन कर रहे लोग

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे गांव वालों के परिवारों ने हाल ही में सैन्य अभियानों के बाद हालात बिगड़ने के डर से महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को सुरक्षित जगहों पर भेजना जाना शुरू कर दिया है। पलायन सबसे ज्यादा पंजाब के अमृतसर और फिरोजपुर जिलों में दिखाई दे रहा है, जहां तीन तरफ से पाकिस्तान से घिरे दाओके जैसे दूसरे समुदाय अपने घरों का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भर कर सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि एहतियातन गांव खाली करने का बड़ा कारण भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति और पाकिस्तान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की चिंता है। TOI के अनुसार फिरोजपुर जिले के रहने वाले जगतार सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमारे गांव में स्थिति गंभीर हो गई है। हमें डर है कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा।"

हालांकि, स्थानीय प्राधिकारियों ने अभी तक औपचारिक निकासी आदेश जारी नहीं किए हैं, फिर भी कई निवासी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, और पिछले संघर्षों के दौरान झेले गए खतरों को याद कर रहे हैं।

दाओके के 70 साल के कश्मीर सिंह ने 1965 और 1971 के युद्धों को याद करते हुए कहा कि अगर संघर्ष छिड़ता है, तो केवल पुरुष ही सशस्त्र बलों की सहायता के लिए रुकने की योजना बनाते हैं।

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