भारत ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। भारत ने घोषणा की कि पाकिस्तान के साथ 1960 का सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया है। साथ ही सभी पाकिस्तानियों के वीजा भी रद्द कर दिए गए हैं। अटारी बॉर्डर बंद करने का ऐलान भी किया गया है। ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम को हुई CCS की बैठक में लिए गए हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "आज शाम प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई। CCS को पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। कई अन्य घायल हुए थे। CCS ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद जताई।"
CCS में लिए गए फैसलों जानकारी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। पहलगाम आतंकी हमले पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "इस आतंकवादी हमले की गंभीरता को समझते हुए, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने ये बड़े फैसले लिए गए हैं:
1. 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।
2. इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। जो लोग वैलिड अप्रूवल के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे 1 मई 2025 से पहले उसी रास्ते से वापस आ सकते हैं।
3. SAARC वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी SPES वीजा को रद्द माना जाएगा। SPES वीजा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है।
4. नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में डिफेंस, मिलिट्री, नौसेना और वायु सेना के सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति (persona non grata) घोषित कर दिया गया है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय है।
5. भारत इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने डिफेंस, नेवी और वायु सेना सलाहकारों को वापस बुलाएगा। संबंधित उच्चायोगों में ये पद निरस्त माने जाएंगे। दोनों उच्चायोगों से सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी वापस बुलाया जाएगा। 01 मई 2025 तक और कटौती करके उच्चायोगों की कुल संख्या को वर्तमान 55 से घटाकर 30 कर दिया जाएगा।
PM मोदी ने आवास पर ढाई घंटे तक चली CCS की बैठक
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्थिति का जायजा लेने और सरकार की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल एवं वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद थे। शाह ने प्रधानमंत्री को हमले के बारे में जानकारी दी और इस घटना के बाद उठाए गए कदमों पर चर्चा की।
यह बैठक प्रधानमंत्री के सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर शाम करीब छह बजे शुरू हुई और लगभग 8.30 बजे खत्म हुई।