जम्मू-कश्मीर के पहलगाम का बैसरन इलाका हमेशा सैलानियों से खचाखच भरा रहता है। देश-विदेश से सैलानी यहां घूमने आते हैं। यहां का स्थानीय रोजगार भी पर्यटन पर निर्भर है। लोग जश्न में डूबे हुए थे। तभी अचानक आतंक के छरें घाटी को चीरने लगे। आतंकवादी सैलानियों को कीड़े-मकोड़ों की तरह गोलियों से भून रहे थे। यह मंजर ऐसा था कि जिसने भी देखा उसकी रूह कांप उठी। इस ठिकाने पर केरल का एक परिवार भी पहुंचने वाला था। लेकिन लंच करने की जिद ने उन्हें इस घटना स्थल से दूर कर दिया और चावल में नमक क्या ज्यादा हुआ, उनकी जिंदगी ही बच गई।
