Kashmir Pahalgam Terror Attack: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच अपने हाथ में ले ली है। आतंकी साजिश का पता लगाने के लिए सबूतों की तलाश तेज कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ हो रही है। इस बीच, न्यूज18 के एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैसरन में पर्यटकों के लिए रील बनाने वाले एक स्थानीय वीडियोग्राफर को पहलगाम आतंकी हमले में NIA ने मुख्य गवाह बनाया है। अधिकारियों ने चैनल को बताया कि स्थानीय फोटोग्राफर ने पूरे आतंकी हमले को अपने कैमरे में कैद किया था।
यह आतंकी हमला 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मीडो में हुआ था। आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक मारे गए। जबकि कई अन्य घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने CNN-News18 को बताया, "जब गोलीबारी शुरू हुई तो यह स्थानीय फोटोग्राफर अपनी जान बचाने के लिए भागा और गोलियों से बचने के लिए एक पेड़ पर चढ़कर बैठ गया। लेकिन वह घटना के दौरान वीडियोग्राफी करता रहा और पूरे आतंकी हमले को अपने कैमरे में रिकॉर्ड करता रहा।"
NIA ने वीडियोग्राफर से पूछताछ की है। उसके द्वारा शूट किए गए वीडियो का विश्लेषण कर आतंकवादियों और संभावित ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की पहचान कर रही है, जिन्होंने उनकी मदद की होगी।
शुरुआती जांच से पता चला है कि चार आतंकवादी दो समूहों में बंट गए और घास के मैदान के दो तरफ से गोलीबारी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो बंदूकधारी नाश्ते की दुकानों के पास खड़े थे। अधिकारी ने कहा, "दोपहर करीब 2.30 बजे दुकानों के पीछे छिपे दो आतंकवादी सामने आए। उन्होंने पहले वहां नाश्ता कर रहे गैर-स्थानीय लोगों से उनके धर्म के बारे में पूछा। कुछ लोगों से कलमा पढ़ने को कहा गया, जो नहीं पढ़ पाए उन्हें मार दिया गया।"
NIA का मानना है कि यह अंधाधुंध गोलीबारी नहीं थी। एजेंसी के अधिकारियों ने कहा, "उन्होंने प्रत्येक पहचाने गए पीड़ित के सिर पर खास निशाना साधा।" बचे हुए लोगों के अनुसार, जब पहले दो आतंकवादियों ने चार पर्यटकों के सिर में गोली मार दी, तो दहशत फैल गई। उसके बाद दो अन्य आतंकवादी ज़िप लाइन के आसपास से निकले और भागती भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी।
आतंकवादियों ने कथित तौर पर दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए, जिनमें से एक पर्यटक का था। जबकि दूसरा स्थानीय व्यक्ति का। एजेंसियां दोनों फोन को ट्रैक कर रही हैं, क्योंकि वे आतंकवादियों के मौजूदा स्थान या गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सबूत दे सकते हैं। हालांकि, सूत्रों ने खुलासा किया कि घटना के बाद से डिवाइस बंद हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी
कश्मीर में हुए सबसे भीषण आतंकवादी हमलों में से एक को अंजाम देने वाले घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से भी बारीकी से पूछताछ की जा रही है। NIA के बयान के अनुसार जांच टीम जम्मू-कश्मीर में पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार को हुए हमले के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही हैं। हमले में आतंकवादियों के एक समूह ने ब्रेकफास्ट की दुकानों के आसपास बैठे। उन्होंने टट्टू की सवारी कर रहे या अपने बच्चों और माता-पिता सहित अपने परिवारों के साथ मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले घास के मैदान में पिकनिक मना रहे पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि NIA अधिकारियों की अलग-अलग टीम आतंकवादी हमले में जीवित बचे लोगों से जानकारी लेने के लिए देश भर का दौरा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) द्वारा कराया गया था। उन्होंने बताया कि NIA की टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं।
5-7 थी आतंकियों की संख्या
उन्होंने बताया कि इस नृशंस आतंकवादी हमले की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इसमें शामिल आतंकवादियों की संख्या पांच से सात तक थी। अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि हमलावरों को पाकिस्तान में ट्रेंनिंग देने दिलाने में दो स्थानीय आतंकवादियों ने मदद की थी। सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में संलिप्तता के संदेह में तीन आतंकवादियों के स्कैच जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि तीनों पाकिस्तानी हैं और इनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादियों के बारे में सूचना देने वाले को 20-20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि जांच से पता चला है कि आतंकवादियों ने अपने बर्बर कृत्य को रिकॉर्ड करने के लिए 'बॉडी कैमरों' का इस्तेमाल किया था।