Pawan Khera Vs Himanta: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार (7 अप्रैल) को दावा किया कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं। असम पुलिस की एक टीम मंगलवार को दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पर पूछताछ के लिए पहुंची। यह कार्रवाई असम के सीएम और उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े एक मामले के संबंध में की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने उनके घर पहुंचने पर औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस को सूचित किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस की एक टीम भी जांच में शामिल हो गई। हालांकि, खेड़ा अपने घर पर मिले नहीं।
यह घटनाक्रम एक राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूह से ली गई झूठी जानकारी के आधार पर उनकी पत्नी के कथित कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने इन आरोपों को असम चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश और दंडनीय अपराध बताया। छापेमारी को लेकर एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा, "मेरी पत्नी पर आरोप लगाने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स्वयं को गिरफ्तार करने की असम पुलिस को चुनौती दी थी। लेकिन फिर हैदराबाद भाग गए।"
बता दें कि तेलंगाना में इस वक्त कांग्रेस की सरकार है। सरमा ने आगे कहा, "आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था। खरगे जी की उम्र हो गई है। फिर भी वे इस तरह बोलते हैं। असम पुलिस 'पाताल' से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये डॉक्यूमेंट्स दिए हैं। इसलिए यह केस राहुल गांधी तक जाएगा। हमें डराने की कोशिश मत करो। यह असम है और हमने 17 बार इस्लामिक हमले के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।"
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाया?
हाल ही में पवन खेड़ा ने सरमा की पत्नी की कथित विदेशी संपत्तियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। पवन खेड़ा ने रविवार को आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के तीन पासपोर्ट हैं। जबकि दुबई में दो संपत्तियां हैं और उनकी पूंजी मुखौटा कंपनियों में लगी है। सरमा और उनकी पत्नी ने आरोपों को खारिज किया है। इसके बाद सीएम की पत्नी ने खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
कांग्रेस नेता के घर छापेमारी के बाद असम पुलिस के ACP देबोजित नाथ ने कहा, "गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है। हमें इस मामले के सिलसिले में पवन खेड़ा की तलाश थी। हम उन्हें ढूंढने आए थे। लेकिन वह नहीं मिले। उनके घर की तलाशी ली गई। हमें कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जिसका खुलासा इस समय नहीं किया जा सकता। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त कर लिए गए हैं। अभी उनकी लोकेशन का पता नहीं है। लेकिन उन्हें ढूंढ लिया जाएगा।"
कांग्रेस ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि असम पुलिस के अधिकारी पार्टी नेता पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचे हैं। पार्टी ने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हताश और परेशान हैं, क्योंकि विधानसभा चुनाव में उनकी हार तय नजर आ रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए राज्य मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है।
रमेश ने X पर पोस्ट किया, "जनहित में बुनियादी सवाल पूछने पर मेरे सहयोगी पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों की पूरी फौज की तैनाती यह साबित करती है कि असम के मुख्यमंत्री हताश और परेशान हैं।" उन्होंने कहा, "यह उचित प्रक्रिया नहीं है। बल्कि यह प्रतिशोध की कार्रवाई है। एक ऐसे मुखर विपक्ष की आवाज को दबाने और चुप कराने के लिए राज्य मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है, जो सरकार के कई कारनामों को उजागर कर रहा है। जो डराते हैं वे डरे हुए होते हैं और उनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ होता है।"
रमेश ने दावा किया कि इससे यह भी साबित होता है कि मुख्यमंत्री को आसन्न हार का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "पवन खेड़ा ने हिमंता और उनके परिवार के खिलाफ सबूतों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। आपकी पुलिस (असम पुलिस) दिल्ली में किसे डराने की कोशिश कर रही है? सब जानते हैं कि आपने असम के लोगों को कैसे लूटा। आप जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपनी पुलिस भेजकर, आप साबित कर रहे हैं कि आप घबरा गए हैं।"