Punjab Accident: पंजाब के आनंदपुर साहिब से श्रद्धालुओं को लेकर लौट रही एक बस पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में पलट गई। इससे उसमें सवार छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 21 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड क्षेत्र में हिम्मतपुरा के पास हुई। बस में सवार श्रद्धालु फतेहगढ़ साहिब के मेन माजरी के निवासी थे। वे बैसाखी के अवसर पर रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब से मत्था टेकने के बाद लौट रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस में कोई खराबी आ गई थी जिसके बाद वह सड़क पर पलट गई। फतेहगढ़ साहिब के पुलिस उपाधीक्षक राज कुमार ने बताया कि इस घटना में एक महिला सहित छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 21 लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इस बीच, छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार को एक पावर प्लांट के बॉयलर में हुए विस्फोट के कारण आग लगने से 13 श्रमिकों की मौत हो गई। जबकि 21 अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साय ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं, जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने पीटीआई को बताया कि यह धमाका दोपहर करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने हादसे पर शोक जताया है तथा मामले की जांच के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करके जल्द रिपोर्ट पेश करें। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
प्लांट के अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट बॉयलर यूनिट में उत्पन्न उच्च दबाव वाली भाप को टरबाइन तक ले जाने वाली एक ट्यूब में रिसाव के कारण हुआ। टरबाइन ही घूमकर बिजली पैदा करता है। उन्होंने बताया कि घायलों में से कम से कम छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से रायपुर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो यूनिट) का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन 2016 से 2022 के बीच इसका काम रुका रहा। उन्होंने कहा कि इसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था और वेदांता लिमिटेड ने 2022 में इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद 600 मेगावाट की एक यूनिट का निर्माण पूरा हुआ। पिछले साल अगस्त में उसे चालू कर दिया गया। जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी जारी है।