राजस्थान की भजनलाल सरकार ने हाल ही में डॉ. भीमराव आंबेडकर पंचतीर्थ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दलित समाज के लोगों को डॉ भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों की सैर कराई जाती है। 14 अप्रैल को राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दो बसों को हरी झंडी दिखाकर पहला जत्था रवाना किया है। डॉ आंबेडकर से जुड़े पांच स्थलों में से चार स्थल भारत में हैं जबकि एक लंदन में है। भारत के स्थलों के दर्शन का प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है। यात्रियों को दिल्ली, नागपुर, मुंबई, महू और लंदन घुमाया जाएगा। इसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
योजना के तहत चुने गए 1000 लोगों को बाबा साहेब आंबेडकर से जुड़े पांच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। इनमें दिल्ली, नागपुर, मुंबई, महू और लंदन शामिल हैं। खास बात यह है कि यात्रियों को रहने, खाने और आने-जाने का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
लंदन की सैर कराएगी राजस्थान सरकार
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि बाबा साहेब के लंदन स्थित निवास की भी यात्रा करवाई जाएगी। यही वह ऐतिहासिक घर है जहाँ बाबा साहेब ने वकालत की पढ़ाई की थी। भारत सरकार इस घर को पहले ही खरीद चुकी है। अब इस घर को स्मारक के रूप में बनाया गया है। इसकी देखरेख भारत सरकार कर रही है। कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत के मुताबिक, लंदन यात्रा का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, योजना का अगला चरण लागू कर दिया जाएगा। इसका पहला चरण शुरू हो चुका है। हर साल हजारों लोगों को पंचतीर्थ यात्रा पर भेजा जाएगा। अब राजस्थान सरकार चाहती है कि दलित समाज के लोग उस स्थान पर जाकर इतिहास को महसूस करें।
जानिए क्या है पंचतीर्थ यात्रा
कुछ साल पहले, केंद्र सरकार ने डॉ. आंबेडकर के जीवन और विरासत से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान की थी। जिन्हें पंचतीर्थ कहा गया। इनमें उनका जन्मस्थान, वह स्थान जहाँ उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया था, और उनकी शिक्षा और मृत्यु से जुड़े स्थान शामिल हैं। तब से कई भाजपा शासित राज्यों ने इन स्थलों की तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएँ विकसित की हैं।
पंचतीर्थ यात्रा के लिए कैसे करें अप्लाई
सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि योजना के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। सामाजिक न्याय विभाग की वेबसाइट पर पूरी जानकारी मुहैया कराई गई है। इसके लिए राज्य का निवास प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य से संबंधित दस्तावेजों के साथ कोई भी दलित वर्ग का व्यक्ति अप्लाई कर सकता है।