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Manipur: क्या मणिपुर हिंसा में थी पूर्व CM बीरेन सिंह की प्रमुख भूमिका? 48 मिनट के ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

SC On Manipur Violence: मई 2023 में इंफाल घाटी के मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़की थी। इसके पीछे की वजह मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आयोजित 'ट्राइबल सॉलिडेरिटी मार्च' था जिसके बाद झड़पें शुरू हुईं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 3:18 PM
Manipur: क्या मणिपुर हिंसा में थी पूर्व CM बीरेन सिंह की प्रमुख भूमिका? 48 मिनट के ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
याचिका में दावा किया गया है कि बीरेन सिंह ने कुकी-बहुल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हत्या और तबाही को संगठित करने और निर्देशित करने में भूमिका निभाई थी

Manipur Violence: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के कथित 48 मिनट के ऑडियो रिकॉर्डिंग की पूर्ण फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह ऑडियो क्लिप 2023 में मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा में पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका की ओर इशारा करता है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU), गांधीनगर को सौंपी है।

क्या है कोर्ट का आदेश?

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि केवल चुनिंदा हिस्से नहीं, बल्कि पूरी 48 मिनट की बातचीत और बीरेन सिंह के 'स्वीकृत वॉयस सैंपल' को फॉरेंसिक तुलना के लिए भेजा जाए।NFSU से इस प्रक्रिया में तेजी लाने और अंतिम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीधे कोर्ट को सौंपने को कहा गया है। इससे पहले NFSU ने कुछ क्लिप्स को 'छेड़छाड़ किया हुआ' बताया था, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने एक अलग फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि रिकॉर्डिंग का एक हिस्सा पूरी तरह अनएडिटेड है।

याचिकाकर्ता के गंभीर आरोप

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