सीनियर कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गैस और LPG की कमी की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई कमी नहीं है और यह सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है। छिंदवाड़ा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि लोगों में बेवजह डर फैलाया जा रहा है।
हालांकि, उनका यह बयान कांग्रेस की पार्टी लाइन से अलग नजर आता है। पार्टी के कई नेता लगातार कह रहे हैं कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं।
इसी मुद्दे पर तेलंगाना कांग्रेस के नेता समा राममोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर हुई सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुए और सरकार जनता की समस्याओं की बजाय राजनीति में ज्यादा व्यस्त है।
संसद में कांग्रेस ने उठाया LPG का मुद्दा
वहीं, संसद में भी कांग्रेस ने LPG की कमी का मुद्दा उठाया। विजय वसंत ने लोकसभा में कहा कि देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी से हालात खराब हो रहे हैं। उनके मुताबिक, अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, कॉलेज कैंटीन बंद हो रही हैं, होटल बंद हो रहे हैं और आम लोगों को खाना बनाने और गाड़ी चलाने में दिक्कत हो रही है।
उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गलत प्रबंधन और लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत कदम उठाए जाएं, कीमतें कम की जाएं और सप्लाई को सामान्य किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
आनंद शर्मा ने भी की सरकार के रुख की तारीफ
कुछ इसी तरह वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को लेकर देश से अपील की थी कि वह ग्लोबल साउथ देशों को साथ लेकर शांति बहाल करने में नेतृत्व करे।
लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने भारत सरकार के रुख की तारीफ भी की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि इस संकट में भारत की कूटनीति “परिपक्व और समझदारी भरी” रही है और उसने मुश्किल हालात को अच्छे तरीके से संभाला है।
हालांकि, उनका यह बयान कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी के कई नेता सरकार की विदेश नीति को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सरकार के संतुलित रुख को सही ठहराया
शर्मा ने सरकार के संतुलित रुख को सही ठहराते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर भारत की प्रतिक्रिया राष्ट्रीय एकता और सहमति के साथ होनी चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को स्थिति और अपनी नीति के बारे में जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई, जो एक सही कदम है। उनके मुताबिक, इस तरह की बातचीत लगातार जारी रहनी चाहिए।
शर्मा ने जोर देकर कहा कि इस समय देश को एकजुट रहकर, समझदारी और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने की जरूरत है, क्योंकि हालात काफी अनिश्चित और संवेदनशील हैं।