आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है और उनकी जगह पार्टी सांसद अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि पार्टी ने इस फैसले की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन इस कदम के बाद AAP के अंदरूनी हालात और नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
AAP ने राज्यसभा सचिवालय को इस बदलाव की आधिकारिक सूचना दे दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी ने यह आग्रह भी किया है कि सदन में चड्ढा को बोलने का समय आवंटित न किया जाए। सूत्रों का कहना है कि अनुशासन और पार्टी की मूल विचारधारा से जुड़ाव की कमी इस फैसले की बड़ी वजह हो सकती है।
राघव चुड्ढा पर क्यों गिरी गाज?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राघव चड्ढा को हटाने के पीछे पार्टी के अंदर मतभेद और अनुशासन से जुड़े मुद्दे हो सकते हैं। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी इस बदलाव की जानकारी दे दी है और यह भी कहा है कि चड्ढा को सदन में बोलने का समय न दिया जाए।
पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे थे। 2025 के दिल्ली चुनाव में हार के बाद उन्होंने दिल्ली की राजनीति के बजाय पैतृक अवकाश (Paternity Leave), एयरपोर्ट पर खाने की कीमतें और गिग वर्कर्स जैसे व्यापक नीतिगत मुद्दों पर ध्यान देना शुरू कर दिया था।
इन मुद्दों पर उनकी सक्रियता तो दिखी, लेकिन पार्टी के बड़े और अहम मामलों पर उनकी चुप्पी ने सवाल खड़े किए।
केजरीवाल की गिरफ्तारी से रिहाई तक पर चुप्पी!
2024 लोकसभा चुनाव से पहले जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी चड्ढा की प्रतिक्रिया देर से आई थी। उन्होंने इसकी वजह यूके में आंख की सर्जरी बताई थी।
हाल ही में 2026 में, जब कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं को दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में राहत दी, तब भी राघव चड्ढा की तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई। इससे भी पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठे।
इसके अलावा असम चुनाव के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से गायब होना और बड़े कानूनी घटनाक्रमों पर उनकी खामोशी ने उनके पार्टी छोड़ने की अटकलों को हवा दे दी है। बड़े मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने यह अटकलें और बढ़ा दीं कि वह पार्टी से दूर हो रहे हैं।
हालांकि, नए डिप्टी लीडर बने अशोक मित्तल ने इन सभी अटकलों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह एक सामान्य संगठनात्मक बदलाव है और पार्टी में नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर अनुभव दिया जाता है।
इस मुद्दे पर अशोक मित्तल ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, "इस तरह के बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं। राघव जी से पहले एनडी गुप्ता जी उपनेता थे। आज मुझे नियुक्त किया गया है, कल कोई और यह पद संभालेगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हमारी पार्टी वास्तव में एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जो अपने सभी सदस्यों को समय-समय पर ट्रेनिंग देना चाहती है और हर एक व्यक्ति की प्रतिभा को निखारने और सामने लाने का प्रयास करती है। शायद इसी निरंतर प्रक्रिया के तहत पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे नेता संजय सिंह हैं और मैं उपनेता के रूप में कार्य करूंगा। पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारियां सौंपेगी, मैं उन्हें पूरा करूंगा, चाहे वह सदन में बहसों में भाग लेना हो या संसद और राज्यसभा में पार्टी नेतृत्व द्वारा निर्धारित तरीके से पार्टी का रुख स्पष्ट करना हो। हमारी पार्टी में सब कुछ ठीक है।"
वहीं AAP सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने पर सिर्फ इतना कहा, "राज्यसभा सचिवालय को पार्टी के निर्णय से अवगत करा दिया गया है।"