Get App

Shaksgam Valley: '1963 का पाकिस्तान-चीन समझौता गैर-कानूनी'; शक्सगाम घाटी पर भारत का सख्त जवाब, बीजिंग के दावे को किया खारिज

Shaksgam Valley: भारत की आपत्तियों के बावजूद चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को फिर से दोहराया है। चीन ने 12 जनवरी को कहा कि इस इलाके में उसके इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरी तरह से जायज हैं। भारत ने शक्सगाम घाटी में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आलोचना की थी। भारत ने कहा है कि यह इलाका भारतीय क्षेत्र है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 2:04 PM
Shaksgam Valley: '1963 का पाकिस्तान-चीन समझौता गैर-कानूनी'; शक्सगाम घाटी पर भारत का सख्त जवाब, बीजिंग के दावे को किया खारिज
Shaksgam Valley: चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है। अब इस पर भारत ने पलटवार किया है

Shaksgam Valley: भारत ने मंगलवार (13 जनवरी) को शक्सगाम घाटी पर चीन के नए दावों को खारिज कर दिया। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के सीमा समझौते को गैर-कानूनी बताया। उन्होंने दोहराया कि नई दिल्ली इस क्षेत्र में की गई किसी भी गतिविधि को मान्यता नहीं देता है। इस मुद्दे पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत 1963 के समझौते को अमान्य मानता है। इसके तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी में कुछ इलाका चीन को दे दिया था।

पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र में से शक्सगाम घाटी के 5,180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को चीन को सौंप दिया था। इसे लेकर भारत की आपत्तियों के बीच चीन ने सोमवार (12 जनवरी) को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को फिर से दोहराया। चीन ने कहा कि इस इलाके में उसके इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरी तरह से वैध हैं।

भारत ने जताया सख्त विरोध

भारत ने पिछले शुक्रवार को शक्सगाम घाटी में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की आलोचना करते हुए कहा था कि यह भारतीय क्षेत्र है। नई दिल्ली ने कहा कि भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का अधिकार है। इस बीच आर्मी चीफ ने मंगलवार को कहा, "हम वहां किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं करते हैं। जहां तक ​​चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर की बात है। हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं। इसे दोनों देशों द्वारा किया जा रहा एक गैर-कानूनी काम मानते हैं।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें