Sonam Wangchuk: केंद्र सरकार ने सोमवार (2 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लेने का बचाव किया। सरकार ने तर्क दिया कि उनके बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोनम वांगचुक को जनमत संग्रह और रेफरेंडम की मांग करके जहर फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
