सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। सुवेंदु राज्य के इतिहास में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता में हुई विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जिन्हें पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, "मैं पश्चिम बंगाल BJP विधायक दल के नेता के रूप में चुने गए सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करता हूं।"
BJP के स्टार उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने भवानीपुर में TMC प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था, पश्चिम बंगाल में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री होंगे। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच अब नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। सुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में शामिल हो सकते हैं। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में बैरकपुर की रैली में मोदी ने कहा था कि 4 मई को नतीजे आने के बाद वह भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फिर बंगाल आएंगे।
2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 294 में से 207 सीटें जीत लीं, जबकि ममता बनर्जी की TMC 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई और उसे सिर्फ 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर, 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में हुआ था। उनके पिता का नाम शिशिर अधिकारी है, जो भारतीय राजनीति के एक बहुत अनुभवी नेता हैं और केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रह चुके हैं।
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति के एक कद्दावर नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
एक समय में वे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद करीबियों में गिने जाते थे। 2007 के प्रसिद्ध 'नंदीग्राम आंदोलन' में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसने वामपंथियों को सत्ता से उखाड़ने और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को स्थापित करने में मदद की।
2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी को उनके ही खिलाफ नंदीग्राम सीट से चुनाव हराकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद ही उन्हें विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया। इसी जीत के बात उन्हें 'जायंट किलर' का नाम भी दिया गया।
जैसा कि वे एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी भी राजनीति के पुराने खिलाड़ी रहे हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। सुवेंदु खुद भी पूर्व में सांसद और बंगाल सरकार में परिवहन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।