26/11 मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले तहव्वुर राणा को आज भारत लाया जा रहा है। तहव्वुर राणा के खिलाफ इस मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की तरफ से सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन पेश होंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर एडवोकेट कृष्णन के नेतृत्व में एक बड़ी कानूनी टीम राणा के खिलाफ सुनवाई का नेतृत्व करेगी। सूत्रों के मुताबिक 64 वर्षीय तहव्वुर राणा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा जाएगा और भारत आते ही उसे एनआईए तुरंत गिरफ्तार करेगी। वहीं केंद्र सरकार ने मुकदमे के लिए एडवोकेट नरेंद्र मन को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी है। इसे लेकर 9 अप्रैल 2025 की तारीफ में गुरुवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
NIA नुकसान और विनाश का दे सकती है हवाला
माना जा रहा है कि अदालती कार्यवाही के दौरान एनआईए मुंबई में वर्ष 2008 के हमलों में हुए नुकसान और विनाश का हवाला दे सकती है। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में कूटनीतिक और दुनिया में प्रतिष्ठा के बारे में भी जिक्र कर सकती है। बता दें कि मुंबई पर आतंकी हमलों के चलते भारत की प्रतिष्ठा को धक्का लगा था। इस हमले में 164 लोगों की जान चली गई थी।
अमित शाह ने बताई पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक सफलता
तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने के बाद उस पर मुंबई 26/11 आतंकी हमले में मुकदमा चलाया जाएगा। इस प्रत्यर्पण के खिलाफ तहव्वुर राणा ने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अब उसे भारत लाया जा रहा है। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के कूटनीति की बड़ी सफलता है।